हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं में लावारिस बैल ने पूर्व सैनिक की जान ले ली। मंगलवार सुबह वह खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान बैल ने अचानक हमला बोल दिया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। जिले में अब तक लावारिस पशुओं ने 15 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड सात दकड़ी में मंगलवार सुबह करीब 8 बजे पूर्व सैनिक अपने घर से कुछ दूर खेत में काम कर रहा था। बैल ने अचानक हमला बोल दिया।
जब चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं तो परिजन और गांव के लोग मौके पर पहुंचे और मुश्किल से बैल के चुंगल से छुड़ाया। बैल के हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे घुमारवीं के निजी अस्पताल ले गए जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान कालीदास (70) पुत्र डंडू राम वार्ड सात दकड़ी के रूप में हुई है। प्रशासन की तरफ से हलका पटवारी ने 20 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की। पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। एसडीएम राजीव ठाकुर ने कहा कि तहसीलदार को फौरी राहत राशि देने के लिए कह दिया गया है और पटवारी ने परिजनों को बीस हजार की राहत राशि सौंप दी है।
ड्यूटी कर रहे होमगार्ड पर भी हमला, घायल
घुमारवीं शहर के अति व्यस्त गांधी चौक पर ड्यूटी दे रहे होमगार्ड के जवान पर मंगलवार को लावारिस बैल ने हमला कर दिया। होमगार्ड बुरी तरह से घायल हो गया है। स्थानीय युवक होमगार्ड कर्मी को अस्पताल ले गए। उपचार देने के बाद होमगार्ड को घर भेज दिया गया है।होमगार्ड को बाजू और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं। होमगार्ड की पहचान रमेश चंद (48) पुत्र जगदीश चंद गांव नखलेहड़ा डाकघर मातला तहसील झंडूता जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। मंगलवार को साढ़े 11 बजे होमगार्ड गांधी चौक पर ड्यूटी दे रहा था। बैल ने होमगार्ड कर्मी को सींगों से उछालकर जमीन पर पटक दिया। इससे उसे गंभीर चोटें आईं। होमगार्ड कर्मी को स्थानीय युवक मोटरसाइकिल पर घुमारवीं अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने उपचार देने के बाद उसे घर भेज दिया और चार दिन आराम करने को कहा है।