फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दलाईलामा बोले- पर्यावरण संरक्षण के लिए अंतिम सांस तक करूंगा काम

Tue, 06 Jul 2021 07:59 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला

सार

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (निर्वासित तिब्बत सरकार) की ओर से प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने दलाईलामा के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर केक काटा और शुभकामनाएं दीं। 
विज्ञापन
तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने मनाया 86वां जन्मदिन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा का 86वां जन्मदिन उनके निवास स्थान हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला सहित दुनिया भर में धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश के नेताओं ने दलाईलामा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और उनके लंबे व स्वस्थ जीवन की कामना की। धर्मगुरु ने एक वीडियो के जरिये संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग मेरे प्रति स्नेह की भावना व्यक्त करते हैं। वे मेरी मुस्कान से प्रेम करते हैं।

विज्ञापन


बहुत अधिक उम्र होने के बावजूद मेरा चेहरा सुंदर है। बहुत से लोगों ने मेरे प्रति स्वाभाविक मित्रता प्रदर्शित की है। अपने जन्मदिन के अवसर पर मैं अपने सभी मित्रों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने मुझमें प्रेम, स्नेह और विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि मेरा शेष जीवन मानवता के लिए समर्पित रहेगा। मैं पर्यावरण संरक्षण के लिए आखिरी सांस तक कार्य करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं शरणार्थी बनने के बाद से भारत में रह रहा हूं। भारत की स्वतंत्रता और धार्मिक सौहार्द का मैंने पूरा लाभ उठाया है।

मैं ताउम्र अहिंसा और दया के प्रति समर्पित रहूंगा। उम्मीद करता हूं कि मेेरे मित्र भी जीवन में अहिंसा और दया के भाव को अपनाएंगे।  केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (निर्वासित तिब्बत सरकार) की ओर से प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने दलाईलामा के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर केक काटा और शुभकामनाएं दीं। मैक्लोडगंज में बौद्ध भिक्षुओं और तिब्बती समुदाय के अन्य लोगों ने विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया। सार्वजनिक आयोजन के बजाय तिब्बती समुदाय के लोगों ने अपने-अपने घरों में पूजा-अर्चना करके दलाईलामा के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
विज्ञापन


दलाईलामा को तिब्बत में बुलाए चीन : पेंपा सेरिंग 
निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने कहा कि चीन धर्मगुरु दलाईलामा को चीन-तिब्बत संघर्ष के समाधान के रूप में स्वीकार करे। इसे ध्यान में रखते हुए चीन दलाईलामा को बिना पूर्व शर्त तिब्बत और चीन की धार्मिक यात्रा के लिए आमंत्रित करे। प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग ने तिब्बती चार्टर (संविधान) के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को पुन: दोहराया। उन्होंने रचनात्मक चर्चा के माध्यम से तिब्बती समुदाय में चले छोटे-मोटे मनमुटाव को खत्म करके तिब्बती एकता को मजबूती देने की शपथ भी ली।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें