कुशला धीमान ने बताया कि यूक्रेन में पहले से एडवाइजरी जारी की जा रही थी, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बच्चों को गुमराह किया। कीर्ति की मई में पढ़ाई पूरी होनी थी। उन्होंने बेटी को वापस आने के लिए कहा था, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बेटी को नहीं आने दिया।
खारकीव यूनिवर्सिटी की मनमानी के कारण बेटी यूक्रेन में फंसी है। 28 फरवरी की फ्लाइट की टिकट बुक होने के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बेटी को आने की परमिशन नहीं दी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने चेतावनी दी कि अगर ऑफलाइन कक्षाएं न लगाईं तो डिग्री रद्द कर दी जाएगी। यह बात खारकीव यूनिवर्सिटी यूक्रेन में मेडिकल के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहीं धर्मशाला के दाड़ी की कीर्ति धीमान की माता कुशला धीमान ने कही। कीर्ति ने उन्हें बताया कि पहले विद्यार्थियों को मेट्रो में रखा गया था।
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अब उन्हें बंकर में ले जाया गया है। खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। कुशला धीमान ने बताया कि यूक्रेन में पहले से एडवाइजरी जारी की जा रही थी, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बच्चों को गुमराह किया। कीर्ति की मई में पढ़ाई पूरी होनी थी। उन्होंने बेटी को वापस आने के लिए कहा था, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बेटी को नहीं आने दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि यूक्रेन में फंसे सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला जाए।