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Ukraine crisis: करीना को डिग्री से चार महीने पहले छोड़ना पड़ा यूक्रेन, विवेक बोले- एक साथ हुए आठ धमाके

Fri, 25 Feb 2022 08:06 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, जोगिंद्रनगर (मंडी)

सार

मंडी जिले के जोगिंद्रनगर की करीना यूक्रेन से सुरक्षित अपने घर पहुंच गई हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद घर पहुंचते ही वह परिजनों से मिलकर फूट-फूट कर रोईं। 
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जोगिंद्रनगर की करीना व विवेक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर की करीना यूक्रेन से सुरक्षित अपने घर पहुंच गई हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद घर पहुंचते ही वह परिजनों से मिलकर फूट-फूट कर रोईं। करीना ने बताया कि उन्हें जून में डिग्री मिल जानी थी। अब भविष्य की चिंता सता रही है कि वह अपनी पढ़ाई कैसे पूरी कर पाएंगी। कहा कि माता-पिता ने पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च किए हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि वह अपने घर पहुंच गई हैं। कहा कि जरा भी ऐसा अंदेशा नहीं था कि यूक्रेन में इस कद्र हालात बिगड़ेंगे। अचानक शुरू हुई बमबारी से पूरा यूक्रेन सहम गया है। उसके सहयोगी अभी वहां फंसे हैं। करीब डेढ़ साल पहले जोगिंद्रनगर से वापस पढ़ाई के लिए यूक्रेन पहुंची थीं तो हालात सामान्य थे। वह अभी घर नहीं आना चाहती थीं। यूक्रेन की राजधानी कीव से करीब 200 किलोमीटर दूर वुकोविनियन मेडिकल यूनिवर्सिटी में आखिरी सेमेस्टर की पढ़ाई कर रही थीं। अब हालात इस कद्र खराब हो चुके हैं कि वापस जाने के लिए भी सौ बार सोचेंगी। करीना के पिता राजकुमार, माता कौशल्या देवी ने बताया कि वहां तनावपूर्ण माहौल की जानकारी से पहले बेटी को लेकर चिंतित थे, लेकिन अब उसके घर सुरक्षित पहुंचने से बड़ी राहत मिली है। मां कौशल्या बोली कि वहां फंसे प्रदेश के अन्य युवक-युवतियों को भी प्रदेश और केंद्र सरकार तत्काल प्रभाव से सुरक्षित घर पहुंचाए।

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हॉस्टल से पांच किमी दूर एक साथ हुए आठ बम धमाके 
वहीं, यूक्रेन में फंसे जोगिंद्रनगर के युवा विवेक ने लाइव होकर वहां के तनावपूर्ण हालात से परिजनों को अवगत करवाया। स्वयं को असुरक्षित बताया और प्रदेश सरकार और प्रशासन से घर लाने की गुहार लगाई। बताया कि हॉस्टल से महज पांच किलोमीटर दूर एक साथ आठ बम धमाके हुए तो पैरों तले जमीन खिसक गई। बम धमाके से हॉस्टल की दीवारें भी कांप उठीं। हवाई सेवाएं बंद होने से सुरक्षित घर लौटना भी असुरक्षित लग रहा है। बताया कि वीरवार सुबह जब रूस का हमला यूक्रेन पर हुआ तो उसके हॉस्टल में लगे बेड भी हिलने लगा। कीव के बोरिशपिल एयरपोर्ट भी हमले से तहस नहस हो चुका है। हॉस्टल से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लग गया है। ऐसे में रोजमर्रा की चीजें भी उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं। शुक्रवार को वीडियो कॉलिंग और व्हाट्सएप चैट में उन्होंने खुद को असुरक्षित बताया। उधर, एसडीएम डॉ. विशाल शर्मा ने कहा कि यूक्रेन में जोगिंद्रनगर के तीन युवकों के होने की जानकारी प्रशासन को मिली थी। इनमें दो सुरक्षित घर पहुंच चुके हैं। विवेक को भी सुरक्षित घर पहुंचाया जाएगा। 

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