अब हर प्राइमरी स्कूल में अब कम से कम दो अध्यापकों की तैनाती की जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और बच्चों की संख्या बढ़ाने को यह निर्णय लिया है। प्रदेश में कई ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों की संख्या कम है और कई स्कूलों में एक ही अध्यापक पांचवीं कक्षा तक बच्चों को पढ़ा रहा है।
हालांकि, शिक्षा विभाग ने कम संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने का भी फैसला लिया है, लेकिन जो स्कूल मर्ज नहीं होंगे हो सकते, उनमें पांचवीं कक्षा तक कम से कम दो अध्यापक तैनात किए जाएंगे। स्कूलों में एक शिक्षक होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित तो हो रही है। साथ ही अध्यापकों को एकसाथ पांच-पांच कक्षाओं को पढ़ाने में परेशानी होती है।