हिमाचल के कांगड़ा जिले में सीएसआईआर (हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान) पालमपुर की दो शोधकर्ता युवतियों समेत कोरोना के छह मामले सामने आए। हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईएचबीटी पालमपुर की दो रिसर्च स्कॉलर युवतियों के संक्रमित पाए जाने के बाद संस्थान के कुछ हिस्से को सील कर दिया गया। एहतियात के तौर पर करीब 120 शोधकर्ता विद्यार्थियों के भी अब सैंपल लिए जा रहे हैं। 23 और 26 साल की शोधकर्ता युवतियां दिल्ली और हरियाणा की रहने वाली हैं। करीब पांच दिन पहले दोनों युवतियां पालमपुर आई थीं। दोनों युवतियों ने आईएचबीटी में बतौर रिसर्च स्कॉलर प्रवेश लिया था। अभी दोनों ने संस्थान में ज्वाइन करना था। दोनों सरकारी लैब की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट भी साथ लाई थीं।
इसके बाद दोनों को आईएचबीटी संस्थान में क्वारंटीन रखा गया था, लेकिन यहां पहुंचने के करीब पांच दिन बाद युवतियों में कोरोना के लक्षण दिखने लगे। इसके बाद दोनों का टेस्ट करवाया गया तो संक्रमित निकलीं। प्रशासन ने आईएचबीटी संस्थान के एक हिस्से को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। करीब 120 शोधकर्ताओं के सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके अलावा बैजनाथ के पंजयाला भारू गांव की 45 वर्षीय महिला भी कोरोना की चपेट में आई है। यह दिल्ली से आने के बाद पेड क्वारंटीन थी। पॉजिटिव आने के बाद तीनों को कोविड केयर सेंटर बैजनाथ शिफ्ट किया गया है। योल क्वारंटीन सेंटर में रह रहे 30 और 33 साल के दो सेना के जवान भी कोरोना की चपेट में आए हैं। दोनों को सैन्य अस्पताल योल शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा नूरपुर के रिट गांव का 36 वर्षीय व्यक्ति जो कि हैदराबाद से आया था और होम क्वारंटीन था संक्रमित हुआ है।
पॉजिटिव आने के बाद उसे भी कोविड केयर सेंटर बैजनाथ शिफ्ट किया गया है। बुधवार को कांगड़ा में पांच लोगों ने कोरोना को मात दी है। इसमें गरली गांव के 30 वर्षीय व्यक्ति, राजा का तालाब के 54 साल के पुरुष और घर-हड़सर गाव के छह साल के बच्चे ने भी कोरोना को हरा दिया है। इसके अलावा शाहपुर के छतड़ी गांव की 26 साल की युवती और जयसिंहपुर के डगोह गांव की 55 वर्षीय महिला ने कोरोना को मात दी है। पांचों लोगों का उपचार कोविड केयर सेंटर डाढ़ में चल रहा था। डीसी कांगड़ा ने मामले की पुष्टि की है। अब जिला कांगड़ा में कोरोना के 359 मामले हो गए हैं, जिसमें से 303 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 53 लोगों का अभी भी उपचार चल रहा है।