सोलन में शूलिनी मंदिर के पास शिल्ली मार्ग पर सोमवार सुबह करीब आठ बजे दो बहुमंजिला भवन जमींदोज हो गए। नगर परिषद के नोटिस थमाने के बाद कुछ समय पहले ही भवनों को खाली किया जा चुका था। लिहाजा भवनों के दरकने से किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। हादसे के बाद अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
डीसी ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि हादसे का कारण भवनों के नीचे चल रही अवैज्ञानिक कटाई है। वहीं इस वार्ड नंबर आठ के इस क्षेत्र में पानी का रिसाव और घरों के सीवेज आदि के आउटलेट न होना भी एक कारण माना जा रहा है। गिरे भवनों में एक कटाई के काम में लगे परिवार का भवन बताया जा रहा है।
उधर इन मकानों के दरकने के बाद आसपास के कई मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। हादसे में किराए के मकान में रह रहे कई परिवार बेघर हो गए हैं। इससे पहले भी इस क्षेत्र में तीन मकान धंस चुके हैं। इसके बावजूद नगर परिषद और टीसीपी ने इस क्षेत्र को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए। प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। करीब पांच करोड़ के नुकसान का अनुमान बताया जा रहा है।
प्रशासन ने क्यों नहीं उठाए कदम
प्रभावित परिवार में कमलेश गुप्ता के बेटे हनी का कहना है कि प्रशासन, नगर परिषद सबसे से लिखित में कटिंग रोकने और मकान को बचाने की फरियाद की थी। लेकिन प्रशासन ने उनकी नहीं मानी। अगर शिकायतों पर एहतियातन कदम प्रशासन उठाता तो उनके भवन बच सकता था और भवन दरकने से आसपास के भवनों पर जो खतरा मंडराया है, उसे टाला जा सकता है। उनके मुताबिक 2.5 से तीन करोड़ तक का नुकसान हुआ है।
पानी का काफी होता है रिसाव
श्याम लाल का कहना है कि इस जगह पानी का काफी रिसाव होता है। इस कारण भवन जमींदोज हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से कटाई का कोई ताल्लुक नहीं है। कटाई का काम तो पहले भी चला हुआ था। इस जगह पानी का काफी रिसाव होता है, पहले भी भवन जमींदोज हुए हैं। सोमवार को हुई घटना के पीछे भी पानी का रिसाव मुख्य कारण बताया जा रहा है।
रविवार को किया था दौरा: अध्यक्ष
प्रभावित परिवार।
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि नगर परिषद सोलन ने पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे। लिहाजा भवनों को खाली करवा दिया था। रविवार को भी इस क्षेत्र का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि भवन गिरने का कारण या तो अवैज्ञानिक कटाई या फिर इस जगह पर पानी का रिसाव हो सकता है। प्रशासन के निर्देशानुसार कार्रवाई होगी। वार्ड नंबर आठ नगर परिषद अध्यक्ष का ही वार्ड है।
चिन्हित होंगे डेंजर जोन: डीसी सोलन
डीसी डॉ. राकेश कंवर ने कहा कि सुबह उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। सूचना है कि इस क्षेत्र में पानी का रिसाव हो रहा है। अवैज्ञानिक कटाई भी एक कारण हो सकता है लेकिन यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा। कहा कि ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने के लिए नगर परिषद और टीसीपी को संयुक्त रूप से सर्वे करने के लिए कहा जाएगा ताकि डेंजर जोन को चिन्हित करके एहतियातन कदम उठाए जा सकें।
पहले भी जमींदोज हो चुके हैं भवन
सोलन में पहले भी कई भवन जमींदोज हो चुके हैं। बेतरतीब ढंग से खड़ी की गई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढही हैं। अंबुशा होटला के नजदी, चंबाघाट, बड़ोग और कंडाघाट में कई भवन गिर चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद सोलन में बेतरतीब कंस्ट्रक्शन करके हादसों को लोग न्योता दे रहे हैं। हादसे के बाद प्रशासन, नगर परिषद और टीसीपी कुछ देर के लिए तो हरकत में आता है लेकिन बाद में फिर निर्माण करने वालों को ढील दे दी जाती है।