हरियाणा के बरवाला स्थित रामपाल के सतलोक आश्रम में पट्टा व कोटबेजा से गए दो युवकों का कोई पता नहीं है। इन दोनों युवकों के फोन बंद है। इस कारण उनके परिजन आश्रम भी गए, लेकिन लेकिन वहां से बैरंग लौट गए हैं।
पट्टा के चिंतामणी का बेटा चमन व कोटबेजा के नेकराम का बेटा ऋषि 17 नवंबर को रामपाल के आश्रम से एक मैसेज आने पर घर से रवाना हुए थे। मंगलवार मध्य रात्रि तक उनका फोन चल रहा था, लेकिन उसके बाद से उनका फोन भी स्विच ऑफ है जिससे परिजन घबराए हुए हैं।
चिंतामणी ने बताया कि वह स्वयं बरवाला स्थित सतलोक आश्रम गया था, लेकिन वहां पर किसी भी व्यक्ति ने उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया न ही कोई जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वहां एक सूची दिखायी जिसमें उनके नाम तो थे, लेकिन वे कहां पर हैं इसका कोई खुलासा नहीं हुआ है।
डरे हुए हैं परिजन
चिंतामणी ने बताया उसके जवान इकलौते बेटे के गायब होने से घर में सभी लोग डरे हुए हैं। हैरानी इस बात की है कि उनकी ओर से भी कोई फोन नहीं आया है। उधर, पंचायत के उपप्रधान अशीष कुमार ने पट्टा व कोटबेजा से दो युवकों को आश्रम जाने के बाद न लौटने की पुष्टि करते हुए बताया कि इन दोनों परिवार के लोग काफी घबराए हुए हैं। चमन जहां इलेक्ट्रिशयन का कार्य करता था वहीं ऋषि भी अपने घर में कार्य कर अपना गुजारा चला रहा था।