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Shimla News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को बीस साल का कठोर कारावास

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फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोनीपत निवासी आशीष को सुनाई सजा, जिला शिमला के रोहड़ू का है मामला
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केस में दो आरोपी साक्ष्याें के अभाव में बरी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (स्पेशल फास्ट ट्रैक रेप/पोक्सो) की अदालत ने पॉक्सो के मामले में दोषी हरियाणा के सोनीपत निवासी आशीष को बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विवेक शर्मा की अदालत ने दोषी को 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

मामला जिला शिमला के रोहड़ू क्षेत्र का है। साल 2022 को दर्ज हुए मुकदमे के अनुसार नाबालिग सुबह के समय अपने घर से स्कूल के लिए निकली थी। शाम को वह जब घर नहीं लाैटी तो नाबालिग के पिता ने भतीजी से पता किया। पूछने पर पता चला कि नाबालिग स्कूल ही नहीं गई है। पिता ने तुरंत रोहड़ू पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और नाबालिग को हरियाणा से ढूंढ निकाला तथा इसे परिवार को सौंप दिया। जांच के दौरान पता चला कि नाबालिग अपनी फेसबुक फ्रेंड एक किशोरी से मिली थी। आरोपी किशोरी नाबालिग को बरगलाकर अपने साथ चंडीगढ़ ले गई। यहां दोनों एक होटल में रुके।
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नाबालिग ने आरोपी किशोरी से कहा कि वह इस बारे में परिवारवालों को बता दें कि दोनों कहां रुके हैं। इस पर आरोपी किशोरी ने कहा कि उसने नाबालिग के भाई को सूचित कर दिया है। अगले दिन आराेपी किशोरी नाबालिग को अपने साथ अंबाला लेकर गई। वहां उसे सह आरोपी मिला जिसने पीड़िता को एक गाड़ी में बैठने के लिए कहा। इस गाड़ी में दोषी आशीष और उसकी बहन पहले से सवार थे। शाम को जब वह समालखा पहुंचे तो दोषी आशीष की बहन ने नाबालिग को दुल्हन की पोशाक और गहने पहनने के लिए कहा। इसके बाद नाबालिग और दोषी की फोटो तथा वीडियो ली गई जिसे नाबालिग की फेसबुक पर अपलोड कर दिया गया ताकि ऐसा लगे की नाबालिग ने शादी कर ली है और वह अब वापस घर नहीं जाना चाहती।
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नाबालिग को इसके बाद दोषी के घर खानपुर कलाह ले जाया गया जहां उसके साथ दोषी ने कई बार दुष्कर्म किया। पुलिस मौके पर पहुंची तब तक दोषी के घरवाले फरार हो चुके थे। पुलिस ने पीड़िता को उसके परिजनों को साैंप दिया। कोर्ट ने पुख्ता सबूत और पीड़िता के बयान को मद्देनजर रखते हुए आशीष काे दोषी करार दिया और बीस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। मामले में अन्य दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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