हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की पीरपंजाल की चोटयों को भेदकर एक और सुरंग बनाने को हरी झंडी मिल गई है। पांगी-किलाड़ के चैणी से पीरपंजाल पर्वत को काटकर बनने वाली नौ किलोमीटर लंबी सुरंग को सामरिक लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने इस सुरंग को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
इसके लिए 1800 सौ करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। सुरंग की डीपीआर का जिम्मा सतलुज जलविद्युत निगम को दिया गया है। चैणी सुरंग के बनने से पठानकोट-चंबा-लेह की दूरी 275 किलोमीटर कम हो जाएगी। सुरंग बनने से पठानकोट से इस रूट पर सफर बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
1800 करोड़ ख्रर्च करेगी सरकार
लाहौल जिले की अंतिम पंचायत तिंदी से महज 20 किलोमीटर आगे चैणी गांव से इस सुरंग को चंबा की तरफ निकाला जाएगा।
चैणी गांव 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद रामस्वरूप शर्मा ने चैणी सुरंग के निर्माण को केंद्रीय रक्षा मंत्रालय से हरी झंडी मिलने की पुष्टि की है। सांसद ने बताया कि इसके निर्माण पर केंद्र सरकार करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च करेगी। गौर हो कि इससे पहले हिमाचल में 10171 फीट की ऊंचाई पर दुनिया की सबसे ऊंची रोहतांग टनल निर्माणाधीन है।
चैणी सुरंग के निर्माण की मांग हालांकि एक दशक पूर्व से गूंज रही थी, लेकिन सांसद रामस्वरूप शर्मा का दावा है कि उन्होंने संसद सत्रों में इस मसले को प्रमुखता से उठाया है। इसके लिए वह प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और गृह मंत्री से भी व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर चुके हैं। सांसद ने कहा कि सुरंग बनने से जहां देश की सामरिक ताकत बढ़ेगी, वहीं लाहौल-स्पीति और पांगी-किलाड़ के लोगों को साल के 12 महीने तक आवाजाही का विकल्प मिलेगा।
ये है रूट चार्ट
पठानकोट से चंबा, चंबा से किलाड़ (पांगी), किलाड़ से चैणी, चैणी से टनल पहुंचाएगी लाहौल के तिंदी में। तिंदी से केलांग और केलांग दारचा, दारचा से लेह और यही से कारगिल के लिए वाया शिकुंला एक अन्य वैकल्पिक मार्ग बन रहा है।
हिमाचल के लाहौल से होकर कारगिल तक पहुंचने के लिए एक नया वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया गया है। ये मार्ग दारचा-शिंकुला-पदुम से होकर सीधा कारगिल पहुंचाएगा। सामरिक महत्त्व के इस सड़क मार्ग से मनाली से कारगिल की दूरी करीब 350 किलोमीटर कम हो जाएगी।
खास है कि इस सड़क से सीमा तक पहुंचने के लिए अब बड़े-बड़े दर्रों को भी पार नहीं करना होगा। करीब सोलह हजार फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे से होकर बन रही ये सड़क सीधे कारगिल पहुंचाएगी। इसी महीने यह सड़क बन कर तैयार होने का दावा किया जा रहा है।