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हिमाचल भाजपा में घमासान, शांता ने फिर बोला हमला

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वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सांसद शांता कुमार ने एक बार फिर तत्कालीन भाजपा सरकार के समय प्रदेश में हुई फोन टैपिंग की सीबीआई से जांच करवाने की मांग दोहराई है। अपनी बात पर अडिग पूर्व मुख्यमंत्री ने दिल्ली से बयान जारी कर कहा कि प्रदेश में फोन टैपिंग का मामला बेहद गंभीर है।
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के करीबी देहरा के विधायक रविंद्र रवि की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता ने पलटवार किया है। प्रदेश में कांग्रेस के एक वरिष्ठ मंत्री के फोन टैपिंग की सीडी जारी होने से यह बात साफ हो चुकी है कि हिमाचल में फोन टैपिंग हुई है। शांता ने कहा कि प्रदेश में इस तरह की सबसे शर्मनाक और घटिया राजनीति है।

सीएम को देना चाहिए इस्तीफा

इस तरह की राजनीति शांत प्रदेश के माहौल को खराब कर रही है। फोन टैपिंग की सीबीआई जांच होनी चाहिए। हिमाचल में करीब 1300 लोगों के फोन टैपिंग का मामला गंभीर है। कहा कि वह भ्रष्टाचार से हमेशा लड़ते रहे हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर जब भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उन्होंने वीरभद्र सिंह के इस्तीफे की मांग की है।

केंद्र में मंत्री पद पर रहते हुए वीरभद्र सिंह को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जब मंत्रिपद से हटाया था तो और मामला सीबीआई को सौंपा गया था। उस दौरान भी उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने पहले भी दो बार वीरभद्र सिंह से इस्तीफा मांगा था। अब फिर से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ऐसे में वीरभद्र सिंह को नैतिकता के आधार पर पद से त्यागपत्र देना चाहिए।
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रवि पर शांता खेमे का पलटवार

वहीं, रवि के आरोपों के बाद शांता खेमे ने भी पलटवार किया है। नेताओं का कहना है कि रविंद्र रवि भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार के खिलाफ अपनी बयानबाजी अखबारों के बजाए किसी उचित मंच पर कर सकते थे।

प्रदेश भाजपा महामंत्री एवं सुलह के पूर्व विधायक विपिन सिंह परमार, पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीण कुमार, राजगीर के पूर्व विधायक कैप्टन आत्मा राम और बैजनाथ से भाजपा के प्रत्याशी रहे मुल्खराज प्रेमी ने कहा कि रवि ने बतौर मंत्री  रहते जिला कांगड़ा को छिन्न-भिन्न करने का कथित प्रयास किया। सत्ता की ताकत के आगे संगठन को कुचलने की भी कोई कसर नहीं छोड़ी।

इन भाजपा नेताओं ने पूछा कि जिला कांगड़ा भाजपा के इतिहास में पहली बार भारी तादाद में खड़े बागी उम्मीदवारों की मदद किसने की। उन्होंने रविंद्र रवि से कहा कि कांगड़ा में भाजपा नेता शांता कुमार की बदौलत हारी है तो फिर वे कौन लोग थे जो माइनस कांगड़ा सरकार बनाने की दुहाई देते थे।
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