मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार के गढ़ में गरजते हुए कहा कि धूमल संपत्ति के मामले हड़बड़ाहट में बयानबाजी कर रहे हैं। धूमल को बयानबाजी की बजाये एक अच्छा वकील करके कोर्ट में अपना पक्ष रखना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने कहा कि दो बार सीएम और केंद्रीय मंत्री रहते हुए धूमल ने उन पर दो फौजीदारी मामले दर्ज करवाए थे, जिनकी सीबीआई जांच भी हुई। लेकिन बयानबाजी की बजाये उन्होंने कोर्ट में अपना पक्ष रखा और बरी भी हुए। उन्होंने कहा कि जिस संपत्ति की जांच को लेकर धूमल इतना घबाराए हुए हैं उसकी चार्जशीट तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह के समय तैयार हुई।
चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष जीएस बाली, जबकि अन्य इसके सदस्य थे। चार्जशीट कमेटी ने इसकी शिकायत प्रदेश की गवर्नर और राष्ट्रपति से की थी। मंजूरी आने के बाद ही जांच शुरू हुई है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार में शालीनता हैं, लेकिन धूमल में इस तरह के गुणों का अभाव है। उन्होंने व्यंगय कसते हुए कहा कि धूमल का खून तो यहीं का है, लेकिन तड़का पंजाब का लगा है। जैसे पंजाब में एक कांस्टेबल अपने आप को थानेदार समझता है।
देहरा नहीं धर्मशाला के आसपास ही बनेगी सेंट्रल यूनिवर्सिटी
केंद्रीय विवि के मामले पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि सीयू की घोषणा धर्मशाला के लिए हुई थी, इसके चलते धर्मशाला और इसके आसपास ही इसे खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि सांसद अनुराग ठाकुर अपने संसदीय क्षेत्र के राजनीतिक हित के चलते इसे देहरा में खोलने की बेवजह बयानबाजी कर रहे हैं। सीयू को दो खंडों में खोलने पर वीरभद्र सिंह ने धर्मशाला में प्रशासनिक खंड और देहरा में एजुकेशनल ब्लाक पर कहा कि विद्यार्थियों को यहां से 45 किलोमीटर का सफर तय करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए सीयू को धर्मशाला और इसके इर्द-गिर्द ही स्थापित किया जाएगा। कांग्रेस सरकार ने हमीरपुर में मेडिकल कालेज, बिलासपुर में एम्स और ऊना में आईआईटी का निर्णय लिया है। यह तीनों जिले अनुराग के ही संसदीय क्षेत्र में पड़ते हैं, जिससे स्पष्ट है कि कांग्रेस क्षेत्रवाद की राजनीति नहीं करती है।
कर्जा लेकर चल रही प्रदेश सरकार
पूर्व मुख्यमत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश को कर्जदार बना रहे है। वह प्रदेश को इतना खोखला करने में लगे है जिससे आने वाली सरकार को परेशानी झेलनी पड़े। यही नहीं मुख्यमत्र्ंाी कांग्रेस को संगठनात्मक तौर पर खत्म करने में तुले है। वह चाहते है कि प्रदेश का जितना दिवालियापन निकले और प्रदेश की आर्थिक स्थिति खराब हो जाए। साथ ही उनके बाद कांग्रेस यहां पर सता में न आए। धूमल ने कहा कि भाजपा सरकार ने पांच साल में जितना कर्जा लिया था, उतना कांग्रेस सरकार ने मात्र दो सालों में ले चुकी है। अभी तीन सौ क रोड़ रुपये कर्जा लेकर प्रदेश के कर्मचारियों के वेतन दिया है।
धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार बदला बदली से कार्य कर रही है। अटल बिहारी के नाम पर शुरू की गई सभी योजनाएं बंद कर दी गई है। चोर दरवाजों से नौकरियां बांटी जा रही है। बेरोजगारों के साथ अन्याय हुआ है। युवाओं की फौज साढ़े 11 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। बेरोजगार भत्ते के नाम पर युवाओ को ठगा गया। वन, खनन व भूमिया का बोलबाला चल रहा है। रेत व बजरी राज्य से बाहर धडल्ले से जा रही है।