विधायक रविंद्र रवि ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह चाहे जितना भी जोर लगा लें, केंद्रीय विवि देहरा में ही बनकर रहेगा। सीयम के लिए धर्मशाला में जमीन देने के कैबिनेट फैसले पर देहरा के विधायक रविंद्र रवि ने कहा कि प्रदेश सरकार का काम प्रस्ताव भेजना है, अंतिम मुहर तो केंद्र सरकार ने ही लगानी है।
इससे पहले भी प्रदेश सरकार के प्रस्ताव रिजेक्ट हो चुके हैं। वीरभद्र सिंह को भी पता है कि होना क्या है। वह केंद्रीय विवि के निर्माण में सिर्फ विलंब करने का काम कर रहे हैं। वीरभद्र सिंह जब से मुख्यमंत्री बने हैं उन्होंने हमेशा कांगड़ा का विरोध किया है। उन्होंने हमेशा डिवाइड एंड रूल की पॉलिसी अपनाई है।
धर्मशाला में सीयू का निर्णय सराहा
ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, सीपीएस नीरज भारती, जगजीवन पाल, विधायक अजय महाजन, यादविंदर गोमा, मनोहर धीमान, पवन काजल, किशोरी लाल, अन्य पिछड़ा वर्ग विकास वित्त निगम के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद चंद्र कुमार और राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया ने केंद्रीय विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर धर्मशाला में स्थापित करने के लिए संशोधित प्रस्ताव केंद्र को भेजने के निर्णय का स्वागत किया है।
शिमला ग्रामीण हलके को 120 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान करीब 120 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने पाहल और बायचड़ी में सभाओं को संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक स्वास्थ्य उपकेंद्र तथा प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।
प्रत्येक स्वास्थ्य उपकेंद्रों में एक पुरुष तथा एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैनात होंगे। इस अवसर पर जिला कांग्रेस समिति ग्रामीण के अध्यक्ष केहर सिंह खाची, खंड कांग्रेस समिति शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा, महिला ब्लॉक कांग्रेस समिति की अध्यक्ष अनीता शर्मा, एचपीएसआईडीसी तथा प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य प्रमोद शर्मा, उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा, पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी मौजूद रहे।
बोले, ग्रामीण क्षेत्रों में हुए करोड़ों के विकास कार्य
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पाहल तथा बायचड़ी में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से अनेक विकास कार्य आरंभ किए हैं। क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा पुलों, सड़कों तथा भवनों के निर्माण पर 421.66 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
दो वर्षों के दौरान 112 करोड़ रुपये की 35 सड़क परियोजनाएं, 4.4 करोड़ रुपये के दो पुल, 299 करोड़ रुपये के लागत से भवन निर्माण तथा 6.18 करोड़ रुपये से 54 किलोमीटर लंबी सड़कों की टारिंग की गई।
सरकार ने क्षेत्र में विकास को सुनिश्चित बनाने के लिए धामी में लोक निर्माण विभाग का मंडल कार्यालय खोला गया। सुन्नी में पहले ही लोक निर्माण विभाग का एक मंडल कार्यालय कार्यरत है।
कहा, कौशल विकास योजना का लाभ उठाएं बेरोजगार युवा
शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के नेहरा में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नेहरा तथा पनोह के लिए नेरटी खड्ड से सिंचाई योजना की संभावनाएं तलाश करने के निर्देश दिए। उन्होंने काटल से डुआरू के लिए एंबुलेंस सड़क की घोषणा भी की।
जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई क्षेत्र की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार विमर्श करने का भी आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षित युवाओं के दक्षता उन्नयन के लिए पांच सौ करोड़ रुपये की कौशल विकास भत्ता योजना कार्यान्वित की जा रही है।
इस योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को 1000 रुपये का मासिक भत्ता प्रदान किया जा रहा है, अपंग व्यक्तियों को यह भत्ता 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत गत दो वर्षों में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस दौरान इस योजना से 59479 युवा लाभान्वित हुए हैं।