पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बेटे अरुण धूमल की बयानबाजी पर जवाब देते हुए सीएम वीरभद्र सिंह ने फिर करारे बयान दे डाले। उन्होंने पूछा कि अरुण की हैसियत ही क्या है। ऊना में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धूमल परिवार पर फिर हमला बोला।
सीएम ने कहा कि अरुण धूमल बेलगाम घोड़ा है। कुछ भी बात है, तो पिता और भाई क्यों सामने नहीं आते। वीरभद्र सिंह शुक्रवार को पंडोगा इंडस्ट्रियल एरिया के शिलान्यास के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। सीएम ने कहा कि अरुण धूमल कौन है, उसकी हैसियत क्या है। महज धूमल पुत्र के रूप में उनकी पहचान है। उन्होंने कहा कि वे कौन होते हैं, बोलने वाले।
बात करने का भी सलीका नहीं सीखा
सीएम बोले कि यदि बोलना है तो उनके पिता और भाई जो पूर्व सीएम और एमपी हैं, क्यों आगे नहीं आते। वीरभद्र ने कहा कि हिमाचल में किसी को परमिट लेने की जरूरत नहीं है कि कौन कहां जाएगा और कहां नहीं। उन्होंने कहा कि अरुण धूमल स्वतंत्र हैं, वो बोलने के लिए ऊना आएं या कहीं और जाएं।
वीरभद्र ने कहा कि मैं पहले भी स्पष्ट कर चुका हूं कि अरुण धूमल को बच्चा समझता हूं और उनकी किसी बात का जवाब मैं नहीं दूंगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता हूं। कहा कि उनकी परवरिश व शिक्षा में ही कोई कमी रही होगी, जो उन्हें बड़ों के बारे में बातचीत करने का सलीका नहीं है।
धूमल के साथ मेरे मधुर संबंध: वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ऊना के धुसाड़ा में जनसभा के दौरान कही गई उनकी बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। उनका इरादा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल एवं उनके परिवार के प्रति कोई दुर्भावना एवं पूर्वाग्रह का नहीं था। वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके धूमल के साथ राजनीतिक एवं सैद्धांतिक मतभेद जरूर हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनके संबंध मधुर हैं।
वह लोकतंत्र में विपक्ष के सही विचारों एवं सुझावों का सम्मान करते हैं। धूमल और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति उनके मन में शत्रुता एवं कटुता जैसी कोई बात नहीं है। अपने 50 वर्ष से अधिक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने नियम, कायदों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान तथा पालन किया है। वे हिमाचल प्रदेश और राज्य के लोगों के हितों की रक्षा को वचनबद्ध हैं।
विपक्ष कई वर्षों से उन पर एवं उनके परिवार पर व्यक्तिगत स्तर पर एक के बाद एक निराधार आरोप लगा रहा है। वह हमेशा कानून की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद सही ठहराए गए हैं। देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। कहा कि दुख तब होता है, जब जांच एजेंसियों एवं न्यायपालिका के अधीन मामलों को बार-बार विकृत रूप से लोगों के सामने लाया जाता है।
उन्होंने विपक्ष को भी सलाह दी कि वे जनादेश का सम्मान करें। लोगों ने जो भूमिका उन्हें दी है, उसका सही रूप से निर्वहन करें। कहा कि विपक्ष उन पर शारीरिक और राजनीतिक रूप से कमजोर होने का ढिंढोरा पीटता है, जबकि वे आज भी लगातार 18 से 20 घंटे लोगों की सेवा करते हैं।
प्रदेश के कोने-कोने का भ्रमण कर लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुलझाने का प्रयास करते हैं। लोगों ने उनकी सरकार को पांच वर्षों के लिए चुना है और सरकार एकजुट होकर जनकल्याण में लगी है। कहा कि उनका एकमात्र राजनीतिक उद्देश्य इस देवभूमि का समग्र विकास और आम आदमी के जीवन स्तर में खुशहाली लाने का रहा है।
सीएम की अभद्र टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण: अनुराग
मुख्यमंत्री वीरभद्र की ओर से वीरवार को की गई टिप्पणी पर सांसद एवं एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो लोग इस स्तर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, मैं उनकी बात का जवाब देना भी उचित नहीं समझता हूं। ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और अभद्र भाषा से राजनीति में जो गिरावट मुख्यमंत्री वीरभद्र लेकर आए हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री की ओर से मुझ पर की गई टिप्पणी पर इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं।
एचपीसीए मामले में सुनवाई अब 1 अक्तूबर को- धर्मशाला कोर्ट में विशेष न्यायाधीश के समक्ष क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए एचपीसीए की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और पीजी कॉलेज के क्वार्टर गिराए जाने के मामले में सुनवाई हुई। शुक्रवार को हुई सुनवाई में मामले के आरोपी सांसद एवं एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर संसद की चल रही कार्यवाही के चलते व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो पाए।
अनुराग ठाकुर ने कोर्ट में पेश नहीं होने के लिए दिल्ली में संसद की कार्यवाही चले होने का हवाला दिया था। अनुराग की अर्जी को कोर्ट ने मंजूर कर लिया और मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 1 अक्तूबर रख दी है। शुक्रवार को कोर्ट में मामले के अन्य सभी नौ आरोपी पेश हुए। गौरतलब है कि इससे पिछली तारीख को कोर्ट ने अनुराग ठाकुर को समन जारी किए थे।
अपना आपा खो बैठे हैं मुख्यमंत्री : बिंदल
वहीं, प्रदेश भाजपा महामंत्री डा. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपना आपा खो बैठे हैं। वह हताश और निराश हैं। उनकी मनोदशा भी ठीक नहीं लग रही है। अपने आप को 6 बार का मुख्यमंत्री कहते हैं, उनकी ओर से अभद्र भाषा का प्रयोग करने से ऐसा प्रतीत होता है कि वह अपना आपा खो बैठे हैं। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं।
उन्होंने कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया है। ऐसे प्रतिनिधि के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करना हमीरपुर संसदीय क्षेत्र और प्रदेश की जनता के प्रति अपशब्द बोलने के बराबर है। डा. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय शिमला पर गुंडागर्दी कर कार्यकर्ताओं की आंख तक फोड़ दी। कहा कि प्रदेश की जनता पानी, बिजली और सड़क के लिए तरस रही है।