शिमला प्रशासन ने सेब सीजन के लिए ढुलाई की दरें निर्धारित कर दी हैं। स्टैंडर्ड यूनिवर्सल कार्टन की साढ़े 22 किलो की पेटी के लिए दरें तय की हैं। शिमला जिले में सेब का अरबों रुपये का कारोबार होता है। यही नहीं हजारों ट्रक ऑपरेटरों को रोजगार भी मिलता है।
डीसी दिनेश मल्होत्रा के अनुसार ढुलाई की दरें ट्रांसपोर्टरों तथा फल उत्पादक संघों से विचार विमर्श के बाद तय की हैं। निर्धारित दरों से ज्यादा किराया वसूलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीजन में 2.31 करोड़ पेटी सेब उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
दिल्ली के लिए निर्धारित किराया (प्रति पेटी)
ठियोग से 55, मतियाना-57, संघू- 56, छैला- 57, देहा-63, बलघार-59, सैंज- 59, बासाधार- 65, कोटखाई - 60, गुम्मा-59, खल्टूनाला-60, बाघी-64, महासू-58, गरावग-62, पुड़ग- 62, हिमरी-62, रामपुर- 71, झाखड़ी-73, ज्यूरी-75, गौरा माशड़ू- 77, सराहन-78, नारकंडा- 60, कुमारसेन-65, किंगल- 66, थानाधार-64, कोटगढ़-67, रोहड़ू- 71, खड़ापत्थर-66, जुब्बल-68, हाटकोटी, सावड़ा-69, नंदपुर- 72, कुड्डूू-71, छाजपुर-73, पंद्राणू-72, चिड़गांव-74, टिक्कर-74, बाघी-74, समरकोट-74, चौपाल- 68, खिड़की-66, नेरवा-72, थरोच-76, बाम्टा-75, चंबी-65, सराहां-72, चौपाल से दिल्ली वाया मिनसपूल -65, नेरवा-60