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जाखू की चोटी से हरे पेड़ हो रहे गायब, विभाग अनजान

Thu, 23 Apr 2015 09:56 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, शिमला
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शहर की सबसे ऊंची चोटी जाखू पर स्थित हनुमान जी की मूर्ति के सामने से पेड़ गायब हो गए हैं। चार साल पहले हनुमान जी की 108 फुट ऊंची मूर्ति पेड़ों से घिरी नजर आती थी। पेड़ गायब होने के बाद अब पूरी मूर्ति के साथ मंदिर की छत भी दिखने लगी है।
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जाखू मंदिर के सामने से पेड़ कहां गायब हो रहे हैं, यह सवाल शहर के लोगों के जहन में कौंध रहा है। चार साल पहले तक हनुमान जी की आधी मूर्ति पेड़ों से ढकी नजर आती थी।

पेड़ गायब होने के बाद अब पूरी दिखने लगी है। नवंबर 2010 में जाखू में हनुमान की 108 फुट ऊंची मूर्ति का निर्माण करवाया था। पेड़ों में ढकी होने से देश-विदेश से आने वाले सैलानी आधी मूर्ति देख पाते थे।
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पूरी मूर्ति देखने के कौतूहल में सैलानी जाखू पहुंच जाते थे। अब पूरी मूर्ति ही नहीं बल्कि बाबाबालक नाथ मंदिर से मुख्य मंदिर की ओर जाने वाले पैदल मार्ग की छत भी दूर से ही दिखाई देने लगी है।
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चार वर्ष में पेड़ हुए गायब

ऐसे में लोग सवाल उठाने लगे हैं की आखिर जाखू के जंगल की हरियाली कैसे घट रही है। चार सालों के भीतर ही जाखू के जंगल में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।

हनुमान की प्रतिमा की पहले जहां दर्शन रिज से पूरी तरह नहीं हो पाते थे वहीं अब प्रतिमा की दर्शन पैरों तक हो रहे हैं। हालांकि बरसात के मौसम में जाखू के जंगल में आसमानी बिजली भी काफी गिरती है जिससे पेड़ों को भी नुकसान पहुंचता है।

जाखू में हनुमान जी की प्रतिमा के सामने से पेड़ गायब होने को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह भी चिंतित हैं। जाखू मंदिर ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी दीपक शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पिछले दिनों उनसे निजी तौर पर पेड़ गायब होने का कारण पूछा था।

पेड़ गायब होने पर मुख्यमंत्री ने दुख जताया था। उधर सूत्र बताते हैं कि जाखू मंदिर के आसपास पेड़ गायब होने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री के दरबार में अधिकारियों को भी तलब किया जा चुका है।

डीएफओ शिमला एलसी कटोच के अनुसार जाखू में अवैध कटान नहीं हुआ है। रोजाना हजारों लोग जाखू मंदिर जाते हैं, ऐसे में एक पेड़ भी अवैध रूप से कटना संभव नहीं है। हो सकता है प्राकृतिक तौर पर पेड़ गिरे हों। मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता, मैंने अभी जनवरी माह में ही ज्वाइन किया है।
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