मणिमहेश यात्रा से सकुशल वापसी पर मां ने उतारी बेटे की आरती, बांटी मिठाई
कांगड़ा जिले के लंबा गांव में मणिमहेश यात्रा से सकुशल वापसी पर मां ने अपने बेटे की आरती उतारी। साथ ही मिठाई भी बांटी। बेटे को सकुशल पाकर मां की आंखें नम हो गईं। सराइं मोहल्ले की नीलम देवी के बेटे ऋषभ ने जैसे ही 23 दिन बाद सकुशल अपने घर की दहलीज पर कदम रखा तो मां की ममता उमड़ पड़ी। नीलम देवी ने बेटे ऋषभ पर फूल बरसाए, फिर आरती उतारी। भावुक होकर बेटे को गले लगाकर भगवान का शुक्रिया किया। वहीं राजा का तालाब की सुनीता देवी व पिता जसमेर चंदेल ने बेटे पारुल चंदेल के मणिमहेश से सकुशल लौटने पर आरती उतारकर व फूलों की बारिश की। प्रसाद बांटा ।
23 दिन जीवन में कभी नहीं भूलेंगे:ऋषभ
ऋषभ ने बताया कि उन्होंने अपने चार साथियों दानिश, विक्की, पारुल के साथ वाया कुगती मणिमहेश की परिक्रमा करते हुए शिवकुंड में स्नान कर लिया। 18 से 23 अगस्त तक उनका मणिमहेश परिक्रमा सफर रहा। भरमौर पहुंचने पर 23 अगस्त शाम को लगातार तीन दिन बारिश से स्थिति बिगड़ने लगी। सोमवार को अपनी गाड़ी से जब वे भरमौर से चंबा के लिए गए तो तीन किलोमीटर पर जाने पर पत्थर गिरने लगे। तीन दिन प्रयास के बाद जब स्थिति भयावह देखी तो गाड़ी को भरमौर में खड़ा करके पैदल ही पगडंडियों और जंगलों के रास्ते लगभग 45 किलोमीटर सफर तय किया। सभी ने बताया कि पैदल चलते समय स्थानीय लोगों ने जगह-जगह फल, भोजन, पानी और सूखे मेवे देकर उनको घर जैसा महसूस करवाया। इनका कहना है कि भयावह मंजर में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। 20 से 25 जगह सड़क ही गायब हो चुकी है। 23 दिन जीवन में कभी नहीं भूलेंगे। डर की स्थिति में पल-पल गुजारना निसंदेह बेहद मुश्किल लगा।