आईजीएमसी में घायलों का हाल पूछते परिवहन मंत्री जीएस बाली।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के ग्रामीण और दूरदराज के रूटों पर बस भेजने से पहले चालक की कांउसलिंग होगी। इसमें चालकों को सड़क की हालत और ब्लैक स्पॉट के बारे में बताया जाएगा। हिमाचल में बस हादसों पर अंकुश लग सके इसके चलते प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है।
यहीं नहीं रूट पर बस चलाने से पहले चालक की ड्यूटी होगी कि वह बस को स्टेरिंग, गेयर, ब्रेक और कल्च की अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर ले। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने हिमाचल में सुरक्षित चलाएं, सुरक्षित पहुंचाएं मुहिम शुरू करने जा रहा है। इसमें चालकों को इस जानकारी से अवगत कराया जाएगा।
मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख
आईजीएमसी में घायलों का हाल पूछते परिवहन मंत्री जीएस बाली।
- फोटो : अमर उजाला
ठियोग के बजरौली पुल के पास हुए हादसे में मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। परिवहन मंत्री जीएस बाली ने रविवार को घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यह राशि प्रदान की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि हादसा ग्रस्त बस 2010 मॉडल की है और करीब साढ़े तीन लाख किलोमीटर चली हुई है। परिवहन निगम सात लाख किलोमीटर तक बसों को इस्तेमाल करता है।
विशेषज्ञों की टीम पूरे हादसे के कारणों की बारीकी से छानबीन कर रही है। इसकी अध्यक्षता एसडीएम ठियोग एमआर भारद्वाज कर रहे हैं।
सुरक्षित चलाएं, सुरक्षित पहुंचाएं मुहिम चलेगी
ठियोग अस्पताल पहुंचे परिवहन मंत्री जीएस बाली।
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन मंत्री ने बताया कि एचआरटीसी अब सुरक्षित चलाएं, सुरक्षित पहुंचाएं मुहिम शुरू करेगी। बाली ने सड़कों के सभी ब्लैक स्पॉट को सुधारने और रेलिंग लगाने की बात भी कही।
परिवहन मंत्री ने बसों को चलाते हुए मोबाइल सुनने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी दोहराई। इस मौके पर नगर
परिषद ठियोग के पार्षद विवेक थापर, कांग्रेस कार्यकर्ता ब्रह्मानंद शर्मा, लायक राम शर्मा, विरेंद्र वर्मा, डीएसपी ठियोग रतन सिंह नेगी के अलावा कई लोग मौजूद रहे।