नगर निगम शिमला के दो बड़े अफसरों के एक साथ हुए तबादले ने बीते दो सप्ताह से जारी अटकलों पर विराम लगा दिया है। शिमला मिर्ची फिल्म के निर्देशक रमेश सिप्पी की मुख्यमंत्री से हुई भेंट के बाद से तैयार किए जा रहे एक मसौदे को लेकर इन दोनों अफसरों के तबादले होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
वीरवार शाम होते-होते इन चर्चाओं पर सरकार ने अपनी मुहर लगा दी। सूत्रों के मुताबिक शिमला में फिल्म शूटिंग के लिए रमेश सिप्पी से ली गई पांच लाख रुपये की फीस को लौटाने को लेकर बीते कुछ दिनों से खूब गहमागहमी रही। फीस क्यों लौटाई जानी है? इस फीस की भरपाई नगर निगम को कहां से होगी?
इन बिंदुओं को लेकर निगम अफसरों ने एक मसौदा तैयार किया था। इसमें मुख्यमंत्री आफिस का हवाला दिया गया था। यह मसौदा स्थानांतरित हुए अफसरों के विरोधियों के हाथ लग गया था। नगर निगम के इन विभीषणों ने मुख्यमंत्री कार्यालय तक यह मामला पहुंचाया। मसौदे में मुख्यमंत्री कार्यालय का जिक्र करने को लेकर शासन में ऊंचे पद पर बैठे अफसर ने इन्हें फटकार भी लगाई थी।
उसी समय इन दोनों अफसरों को नगर निगम से बोरिया बिस्तर समेटने तक की नसीहत भी दी गई। इस फटकार के बाद से तबादला आज कल में होने की चर्चाएं शुरू हो गई थी।
एसी की खाली कुर्सी ने खड़े किए सवाल
नगर निगम में सहायक आयुक्त (एसी) का पद रिक्त हो गया है। सरकार ने इस पद पर किसी भी अधिकारी की तैनाती नहीं की है। इसको लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। निगम का सहायक आयुक्त कौन होगा ? इसको लेकर कई अटकलें लगाई जा रही है।