शिमला में होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र में 23 अगस्त को टॉवर लाइन शोषित जागरूकता मंच विधानसभा का घेराव करेगा। घेराव में चार जिलों के प्रभावित शामिल होंगे। प्रभावित विस का घेराव कर रिलायंस टॉवर लाइन कंपनी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
मंच के प्रदेश संयोजक रजनीश शर्मा ने बताया बिलासपुर, मंडी, कुल्लू और सोलन जिलों के प्रभावित किसान रिलायंस कंपनी ने बिजली नियमों को ताक पर रखकर बिना सरकारी विभागों की स्वीकृति के कुल्लू से लुधियाना तक टॉवर लाइन का निर्माण किया है। इसमें बरती गई खामियों के सामने आने के बावजूद सरकार कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
मंच के कानूनी सलाहकार अजय नड्डा ने कहा कि इस मामले की सीबीआई से जांच करवाई जानी चाहिए। रजनीश ने बताया कि कंपनी ने किसानों के घरों, दुकानों तथा मवेशीखानों के ऊपर से टॉवर लाइन को निकाला है। कृषि, बागवानी और वन विभाग की इजाजत के बिना प्रतिबंधित पेड़ों को काटा गया है। इसका मुआवजा चार जिलों के हजारों किसानों को नहीं मिला है।
उन्होंने कंपनी पर करोड़ों के हेरफेर का आरोप भी लगाया। किसानों के फर्जी खातों में पैसा डालने के आरोप लगाए हैं, जबकि असल में लोगों को भूमि का कोई पैसा सरकारी आदेशों के तहत नहीं दिया गया है। न ही कोई दस्तावेज कंपनी के अधिकारियों ने चारों जिलों के जिलाधीशों के पास जमा करवाए हैं।
मंडी और बिलासपुर में मजिस्ट्रेट जांच में भी कंपनी की अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इसी टॉवर लाइन से बिलासपुर के धौणकोठी गांव में कुछ समय पहले तीन बार धमाके होने से पूरा गांव इसकी चपेट में आ गया था। इसकी जांच करवाने पर टॉवर लाइन में खामियां पाई गई थीं।
कंपनी पर दर्ज हैं पांच मामले
रिलायंस कंपनी पर बिलासपुर में चार आपराधिक मामले और एक मंडी के गोहर में दर्ज है। बावजूद इसके सरकार और प्रशासन कंपनी पर कोई लगाम नहीं कस रहा है।