जमीन से 150 फीट ऊंचाई पर दिल्ली के पांच परिवारों के 10 पर्यटकों सहित 11 लोगों की सांसें छह घंटे तक हवा में अटकी रहीं। ये पांचों परिवार आपस में रिश्तेदार हैं। सोलन जिला के प्रवेश द्वार परवाणू में सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे टिंबर ट्रेल रिसॉर्ट (टीटीआर) की केबल कार रोलर खराब होने की वजह से अचानक रास्ते में ही रुक गई।
गर्भवती महिला, दिल और मधुमेह के मरीजों समेत भूखे-प्यासे लटके ये लोग मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन घंटों तक न तो रिसॉर्ट प्रबंधन और न ही प्रशासन से इन्हें कोई सहायता मिली। थक-हारकर इन्होंने मोबाइल पर वीडियो बनाकर अपने परिजनों को भेजा। परिजनों ने पुलिस और मीडिया को घटना की जानकारी दी और मदद मांगी। इस बीच मीडिया में खबरें चलने लगीं। इसके बाद दोपहर करीब 12:35 बजे परवाणू से स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने प्रशासन और एनडीआरएफ को इसकी सूचना दी।
दोपहर 2:00 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ और 4:30 बजे तक सभी पर्यटकों को बारी-बारी रस्सी से बांधकर नीचे उतार दिया गया। ट्रॉली बनासर के मोक्षा रिसॉर्ट से परवाणू टीटीआर के लिए आ रही थी। इस दौरान अचानक टीटीआर प्वाइंट से 100 मीटर पहले ट्रॉली रुक गई। बाद में टीटीआर में बनाई गई रेस्क्यू ट्रॉली से एक व्यक्ति को फंसी हुई ट्रॉली के पास भेजा गया। सबसे पहले महिलाओं को नीचे उतारना चाहा लेकिन उन्होंने उतरने से इनकार कर दिया।
लिहाजा, पहले एक व्यक्ति को नीचे उतारा गया, उसके बाद महिलाएं भी उतरने के लिए तैयार हो गईं। सभी को रस्सी से बांधकर एक-एक कर उतारा गया। नीचे एनडीआरएफ की टीम तैनात रही। प्रशासन ने एयरफोर्स से भी मदद मांगी थी लेकिन बाद में इनकार कर दिया गया। एनडीआरएफ की टीम को सेना के अधिकारी लीड करते रहे।
ट्रॉली में सवार थे छह पुरुष, पांच महिलाएं
मनोज गोयल (57), रीता गोयल (54) टैगोर रोड आदर्शनगर दिल्ली, कनिका गर्ग (51) ढेरावाल नगर, मॉडर्न टाउन, अंजू गर्ग (47)आदर्श नगर, हकीकतराय रोड दिल्ली, डिंपल गोयल (51), आनंद गोयल निवासी विवेक विहार, शीतल गुप्ता (52) आनंद विहार, राजेश गर्ग (50) हकीकतराय रोड दिल्ली, गोपाल गुप्ता (55)आनंद विहार, प्रवीण गर्ग (49) ढेरावाल नगर, मॉडर्न टाउन दिल्ली निवासी ट्रॉली में सवार थे। इन सबका कपड़ों का कारोबार बताया गया है। इसके अलावा ट्रॉली में होटल से जुड़े हरियाणा के जींद के चिराग भी सवार थे।
तकनीकी खराबी के कारण ट्रॉली फंस गई थी। रेस्क्यू टीम ने सभी मेहमानों को सुरक्षित निकाल लिया है। कुछ समय जरूर लगा लेकिन निकालने से पहले सभी पर्यटकों को मोटिवेट करना जरूरी था। ट्रॉली दोबारा कब चलेगी, यह तकनीकी टीम देखेगी। - विजयकांत शर्मा, टीटीआर होटल के एजीएम
मामले को दबाने का आरोप
दिल्ली निवासी पर्यटक मनोज गोयल ने आरोप लगाया कि होटल मामले को दबाने में लगा रहा। ट्रॉली सुबह 10:30 बजे फंस गई थी। मगर उन्हें यही बताया जाता रहा कि बिजली चली गई है। ऐसे में ट्रॉली रुक गई है। बाद में बताया गया कि ट्रॉली तकनीकी खराबी के कारण फंस गई है। रेस्क्यू टीम जल्द उन्हें निकालेगी। पर्यटकों ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल पानी ही मिल पाया। खाने के लिए कुछ नहीं दिया गया। डॉक्टर की मांग भी की, लेकिन इसे भी पूरा नहीं किया गया।
एक और ट्रॉली में फंसे थे तीन लोग
टीटीआर में दोनों तरफ की ट्रॉली फंस गई थीं। इसमें हाइट प्वाइंट पर जो ट्रॉली फंसी, उसमें तीन लोग सवार थे। मगर उनकी किस्मत ने साथ दिया और वह ट्रॉली ऐसी जगह फंसी जहां से वह आसानी से उतर गए। वहां पर एक छोटी सी पहाड़ी थी। इस पहाड़ी के साथ ही ट्रॉली गुजरती है। तीनों लोग इस ट्रॉली से उस पहाड़ी पर उतरकर मोक्षा होटल में चले गए।
मुख्यमंत्री जयराम ने दिए जांच के आदेश, रिसॉर्ट प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी पर्यटकों से बात की। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह को भी फोन पर इस घटना की जानकारी दी है। शाह से बात के बाद मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, टिंबर ट्रेल रिसॉर्ट (टीटीआर) के प्रबंधक के खिलाफ परवाणू थाने में लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है।