चंडीगढ, पंजाब और हरियाणा से आए पर्यटक होटलों में ठहरे
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में वीकेंड पर पर्यटन कारोबार में तेजी नहीं आ पाई। ऑफ सीजन के चलते शहर के होटल कारोबारियों से लेकर पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायियों के चेहरे रविवार को मायूस दिखे। शहर के साथ सटे अधिकांश पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही। यही वजह थी कि शाम तक करीब 20 फीसदी ही होटलों में आक्यूपेंसी रही।
शहर के साथ लगते सोलन जिला में रविवार को भारी बारिश रही। इस कारण दूसरे राज्यों के लोग कम संख्या में ही शिमला की ओर आ पाए। हालांकि, शहर में चंडीगढ, पंजाब और हरियाणा के अलावा पंचकूला से आए पर्यटक शिमला के होटलों में ठहरे रहे। वीकेंड पर बाहरी राज्यों से पर्यटकों की आमद उम्मीद के मुताबिक रविवार को देखने को नहीं मिली। इस वजह से शहर के रिज, मालरोड, स्कैंडल प्वाइंट के अलावा कुफरी जैसे पर्यटन स्थलों पर सामान्य वीकेंड के मुकाबले पर्यटकों की चहल-पहले अपेक्षा के अनुरुप कम रही। पर्यटन कारोबारियों ने भी माना कि ऑफ सीजन में आमतौर पर पर्यटकों की संख्या कम रहती है, लेकिन इस बार वीकेंड पर रक्षाबंधन का त्यौहार भी था। ऐसे में अधिकांश लोग घूमने नहीं आए। इस वजह से पर्यटन को पंख नहीं लग पाए। इसका सीधा असर दिन भर होटल, रेस्तरां, टैक्सी और अन्य पर्यटन गतिविधियों में देखने को मिला। हालांकि, पर्यटन से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि आगामी दिनों में ही पर्यटन सीजन से ही बेहतर कारोबार की उम्मीद है। उधर, होटलियर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने कहा कि मौजूदा समय में शिमला में पर्यटन का ऑफ सीजन चल रहा है। वीकेंड पर होटलों में 15 से 20 फीसदी ही ऑक्यूपेंसी रह। ज्यादातर पर्यटक आसपास के क्षेत्रों से ही आए हैं। दिल्ली, मुंबई, राजस्थान से पर्यटक नहीं आए हैं। हालांकि, उम्मीद है कि आने वाले सीजन में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और पर्यटन कारोबार पटरी पर लौटेगा। गौरतलब है कि शहर समेत आसपास के इलाकों में सात सौ से अधिक होटल व इतने ही बीएंडबी चल रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों के कम संख्या में आने के कारण इस व्यवसाय से जुड़े आगामी सीजन को बेसर्बी से इंतजार कर रहे हैं।