हिमाचल पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के बाद निगम के सभी होटल, रेस्टोरेंट और कैफे का रिकाॅर्ड डिजिटल हो गया है। इससे एचपीटीडीसी को घाटे से उबारने में मदद मिलेगी। इसके अलावा होटलों के हर कामकाज की जानकारी का रिकाॅर्ड ई-आफिस पर ऑनलाइन मिलेगा। अधिकारी कार्यालय, घर एवं प्रदेश के बाहर कहीं से भी फाइलों को डिजिटल साइन के माध्यम से निपटा सकेंगे। अधिकारियों की मानें तो एचपीटीडीसी सरकार का पहला उपक्रम है, जिसे पूरी तरह से ई-आफिस की सुविधा से जोड़ा गया है। इसका मकसद निगम के कामकाज को पूरी तरह पेपरलेस बनाना है।
हिमाचल पर्यटन विकास निगम के बाद अब प्रदेशभर की 65 होटल इकाइयों को ई-आफिस की सुविधा से लैस किया गया है। पहले कार्यालय में एक से दूसरी जगह जाकर फाइलों को मंजूरी मिलती थी। इसमें काफी समय और टेबलों पर फाइलों का ढेर लग जाता था। कई बार फाइलें गुम हो जाती थीं। लेकिन, अब संबंधित फाइल का सारा रिकाॅर्ड अधिकारी को ई-ऑफिस पर ही उपलब्ध होगा। अफसर घर बैठे या टूर पर भी फाइलों को निपटा सकेंगे। इससे फाइलें लंबित नहीं होगी। कामकाज में तेजी आएगी।
इसके अलावा प्रदेश की किसी भी होटल इकाई का स्टेटस कंप्यूटर पर एक क्लिक पर अपडेट हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि एचपीटीडीसी के पूरे प्रदेश में करीब 16 कांप्लेक्स इंचार्ज हैं, जिनके अंदर सभी यूनिट हैं। इन सभी यूनिट्स पर एक साथ नजर रख पाना निगम प्रबंधन के लिए चुनौती भरा था। लेकिन अब निगरानी सीधे निगम मुख्यालय से हो सकेगी। उधर, पर्यटन विकास निगम के महाप्रबंधक अनिल तनेजा ने बताया कि प्रदेश की सभी यूनिट्स को ई-ऑफिस से जोड़ दिया गया है। इसका उद्देश्य कामकाज में दक्षता बढ़ाना के साथ पेपरलेस बनाना है।