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जम्मू-कश्मीर छोड़ने की एडवाइजरी पर मनाली-लेह रूट पर पसरा सन्नाटा, तीन दिन में होटलों का हुआ ये हाल

Mon, 05 Aug 2019 10:32 AM IST
अरविन्द ठाकुर रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
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फाइल फोटो
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आतंकी हमलों के खतरे को लेकर जम्मू-कश्मीर में सैलानियों के लिए जारी की गई एडवाइजरी से लाहौल-स्पीति का पर्यटन भी ठप हो गया है। कुल्लू-मनाली-लेह रास्ते से होकर जाने वाले देशी-विदेशी सैलानियों की संख्या में यहां 80 फीसदी की कमी आ गई है। तीन दिन के भीतर ही लाहौल में होटलों की ऑक्यूपेंसी 60 से घटकर दस फासदी तक रह गई है।

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कारोबारियों ने आने वाले दिनों में इसमें और भी कमी आने की आशंका जताई है। एकाएक पर्यटन में आई भारी कमी को देखते हुए लाहौल-स्पीति और लेह के कारोबारी एक दूसरे से संपर्क बनाए हुए हैं। जुलाई से सितंबर माह तक देशी-विदेशी सैलानियों से गुलजार रहने वाले मनाली-लेह सड़क रूट पर तीन दिनों से सन्नाटा पसरा हुआ है। इस मार्ग पर सेना के वाहनों के साथ इक्का-दुक्का वाहन और बाइकर ही गुजर रहे हैं।

हालांकि मनाली से लेह सड़क के बीच अधिकतर सैलानी बाइक पर आवाजाही करते हैं, लेकिन इसमें भी 40 से 50 फीसदी की कमी आई है। उल्लेखनीय है कि कुल्लू-मनाली के बाद लाहौल-स्पीति और लेह में पर्यटन सीजन चलता है। इस बार समय से पहले मनाली का पर्यटन सिमटने से लाहौल-स्पीति और लेह के पर्यटन कारोबार में गति पकड़ने की उम्मीद थी।

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लेकिन उस पर अब पानी फिर गया है। होटल एसोसिएशन लाहौल-स्पीति के महासचिव टशी बरूंगपा ने कहा कि तीन दिनों से लाहौल घाटी के होटल खाली चल रहे हैं। तीन दिन पहले जिन होटलों में 60 फीसदी ऑक्यूपेंसी व बुकिंग थी, अब घटकर दस फीसदी तक रह गई है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से सैलानियों को लौट जाने की एडवाइजरी से सैलानियों का आना बंद हो गया है। मनाली और लाहौल होकर लेह जाने वाले सैलानियों में 80 फीसदी विदेशी पर्यटक हाते हैं। 

सुरक्षित है मनाली-लेह रूट, सैलानियों से आने की अपील 
होटल एसोसिएशन लाहौल-स्पीति के महासचिव टशी बरूंगपा ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर घूमने आए विदेशी सैलानियों और अमरनाथ यात्रियों को बाहर जाने को कहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए मनाली-लेह मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्हें रोहतांग के साथ लाहौल-स्पीति, बारालाचा होकर लेह की वादियों को बिना किसी डर की आशंका के आनंद उठाना चाहिए।
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