लेकिन उस पर अब पानी फिर गया है। होटल एसोसिएशन लाहौल-स्पीति के महासचिव टशी बरूंगपा ने कहा कि तीन दिनों से लाहौल घाटी के होटल खाली चल रहे हैं। तीन दिन पहले जिन होटलों में 60 फीसदी ऑक्यूपेंसी व बुकिंग थी, अब घटकर दस फीसदी तक रह गई है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से सैलानियों को लौट जाने की एडवाइजरी से सैलानियों का आना बंद हो गया है। मनाली और लाहौल होकर लेह जाने वाले सैलानियों में 80 फीसदी विदेशी पर्यटक हाते हैं।
सुरक्षित है मनाली-लेह रूट, सैलानियों से आने की अपील
होटल एसोसिएशन लाहौल-स्पीति के महासचिव टशी बरूंगपा ने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर घूमने आए विदेशी सैलानियों और अमरनाथ यात्रियों को बाहर जाने को कहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए मनाली-लेह मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्हें रोहतांग के साथ लाहौल-स्पीति, बारालाचा होकर लेह की वादियों को बिना किसी डर की आशंका के आनंद उठाना चाहिए।