लाल सोना नाम से मशहूर हिमाचली टमाटर के दाम लुढ़क गए हैं। जुलाई में मंडियों के रुझान देखकर किसानों को टमाटर के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अगस्त के शुरुआती दौर में ही किसान बैकफुट पर आ गए हैं। बताया जा रहा है कि बंगलूरू और महाराष्ट्र का टमाटर सब्जी मंडियों में पहुंचने से हिमाचली टमाटर को कड़ी टक्कर मिल रही है। इस वजह से दामों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।
रोनहाट क्षेत्र की नजदीकी सब्जी मंडियों में जुलाई माह के दूसरे पखवाड़े तक टमाटर की कीमत 700 से 800 रुपये प्रति क्रेट चल रही थी। इन दिनों टमाटर का भाव महज 200 से 300 रुपये प्रति क्रेट तक ही सिमटकर रह गया है। ऐसे में किसानों को मेहनताना और गाड़ी का भाड़ा वसूलना भी मुश्किल हो गया है। दिल्ली से आए टमाटर व्यवसायी महेंद्र पंडित का कहना है कि बारिश की वजह से टमाटर खराब हो रहा है।
बड़ी मंडियों तक टमाटर पहुंचाने के बाद जब छंटनी की जा रही है तो करीब 50 प्रतिशत तक खराब और कच्चा टमाटर निकल रहा है। दूसरा बंगलूरू और महाराष्ट्र के टमाटर ने भी मंडियों में दस्तक दे दी है। इसके चलते टमाटर के दाम में भारी गिरावट आई है। क्षेत्र के किसानों रिंकू राणा, उजागर सिंह, बाबूराम, भवान सिंह, जगिया राम, गोपाल अजटा, केवल अजटा, दिनेश जस्ता, विपिन कुमार, मोहन सिंह आदि ने बताया कि दूसरे राज्यों का टमाटर आने से दाम में कमी आ रही है।