कंडा जेल में कैदी से मारपीट का मामला सामने आने के बाद जेल विभाग ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। अब तक की जांच में जेल के तीन कर्मियों की भूमिका सवालों के घेरे में है। मारपीट की जांच पुलिस भी कर रही है लेकिन जेल प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि कैदियों के सेल तक मोबाइल कैसे पहुंच गया। इसमें आला अधिकारियों की भूमिका की जांच भी हो रही है।
सूत्रों का कहना है कि मोबाइल पहुंचने में प्रथम दृष्टया उन कर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं जिनकी ड्यूटी कैदियों, बैरकों की तलाशी और निगरानी की रहती है। मोबाइल पहुंचने और कई दिन तक सेल में रखे रहने के बावजूद पकड़ में न आने पर जेल कर्मियों की मिलीभगत की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
यही वजह है कि विभागीय जांच में उस दौरान ड्यूटी पर रहे कर्मियों से पूछताछ कर उनके बयान लिए जा रहे हैं। इसके बाद कैदियों के भी बयान लिए जाएंगे और फिर सीसीटीवी फुटेज खंगाला जाएगा। डीजी जेल सोमेश गोयल ने कहा कि घटना की जांच कराई जा रही है।
जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जेल के एक कैदी ने जेल कर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया था जिसके बाद शिमला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी दौरान जेल के अंदर मोबाइल के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।