नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और धर्मगुरु दलाईलामा ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी करीब दो घंटे तक चर्चा की। दोनों नोबेल शांति पुरस्कार विजेताओं ने दुनिया में धर्म के नाम पर बढ़ रही हिंसा पर चिंता व्यक्त की।
विश्व में बढ़ रही अशांति को करुणा और प्रेम से कैसे दूर किया जाए, इस पर दोनों के बीच चर्चा हुई। दोनों ने कहा कि हिंसा और गुस्से से किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। हर समस्या का हल करुणा और प्रेम से होता है। दोनों शांति दूत बुधवार को भी मंथन करेंगे। चर्चा के सार को दुनिया के समक्ष पेश किया जाएगा।
वर्ष 2015 में दक्षिण अफ्रीका के प्रख्यात समाज सुधारक डेसमंड टुटू और दलाईलामा की लंबी मुलाकात के बाद यह दूसरा ऐसा मौका है जब धर्मशाला में दुनिया को प्रेम से जीतने को लेकर गहन मंथन चल रहा है। उस वक्त दलाईलामा और डेसमंड टुटू ने गहन मंथन के बाद बुक आफ जॉय किताब लिखी थी।