कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हिमाचल में पंचायतों की नई भूमिका तय होगी। ग्राम पंचायतों पर पहले से ही जिम्मेदारी है। इनका दायित्व अब और भी बढ़ाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में शादी और धार्मिक आयोजनों में भीड़ कम नहीं हो रही है। उसी से यह समस्या पैदा हो रही है। इन क्षेत्रों के लोगों के जागरूक नहीं होने से कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है।
प्रदेश में कोरोना वायरस अनियंत्रित होकर सामुदायिक संक्रमण में जा चुका है। शादी-विवाह और अन्य धार्मिक आयोजनों में न तो लोग मास्क पहन रहे हैं और न ही वे सामाजिक दूरी की ही अनुपालना कर रहे हैं। यही हाल किसी की मृत्यु हो जाने के समय की है।
इससे पूरा समुदाय संकट में पड़ रहा है। ऐसे तमाम अवसरों पर पंचायतों के प्रधान, सचिव और चुने हुए अन्य प्रतिनिधि ही लोगों को जागरूक कर सकते हैं, क्योंकि सारी घटनाएं उनके ध्यान में रहती हैं। सामुदायिक संक्रमण की स्थिति में उनकी खास जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची ने कहा कि पंचायतों की भूमिका पहले से ही तय है। इस बारे में अतिरिक्त दायित्व देने के बारे में विचार किया जा सकता है। तमाम पहलुओं पर चर्चा की जा रही है। स्कूलों में भी इसलिए छुट्टियां की गई हैं, जिससे पंद्रह दिन में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। ऐसे ही उपाय अन्यत्र भी किए जाएंगे।