इस घटना में स्थानीय देवी रायरो मूल के ऐतिहासिक मंदिर की दो मंजिलों की बाहरी सतह को आंशिक नुकसान पहुंचा है। हालांकि, ग्रामीणों ने मंदिर में देवी की मूर्तियों और अन्य सामान को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल दिया था। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में मस्त राम ठाकुर, चेत राम ठाकुर, सही राम ठाकुर और सुरिंदर ठाकुर के मकान स्वाह हो गए हैं। इस मकान में कुल 14 कमरे थे। इसके अलावा रणजीत सिंह का दो कमरों का एक मंजिला मकान भी आग की चपेट में आ गया है।
ऐसे बचा गांव : एक वाहन में लगी आग बुझाने में गांव के पास ही जुटी थी टीम
कढारण गांव में कुल 20 से 25 घर हैं, जिसमें अधिकतर घर लकड़ी की पुरानी शैली से बने हैं। मंगलवार देर रात फैली इस आग की लपटों ने साथ लगते देवी के मंदिर को अपनी चपेट में ले लिया था, लेकिन देहा अग्निशमन दल के प्रभारी नारायण चौहान की अगुवाई में टीम पहले से घटनास्थल के पास एक वाहन में लगी आग को बुझाने के लिए जुटी थी। ऊंचाई पर स्थित गांव में लगी आग को लपटों को प्रभारी ने दूर से देखकर मौके पर पहुंचने की समझदारी दिखाई। उनकी इसी समझदारी के चलते दमकल की टीम समय रहते मौके पर पहुंच गई और देवी रायरो मूल के मंदिर को बचा लिया। इस गांव में सभी घर लगभग साथ-साथ जुड़े हुए हैं। यदि अग्निशमन की टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो गांव आग की चपेट में आ सकता था। देहा अग्निशमन प्रभारी नारायण चौहान ने बताया कि रात को एक बजे एक वाहन में आग लगने की सूचना मिली, जिसे बुझाने के लिए टीम पहले ही मौके से बहुत नजदीक मौजूद थी। आग की लपटों को देखकर टीम ने मौके पर पहुंचने में समय नहीं गंवाया। देहा दमकल टीम के अलावा चौपाल से दमकल की दो गाड़ियां, शिमला दमकल की एक गाड़ी और एक गाड़ी ठियोग चौकी की मौके पर पहुंची। आग फैलने से रोकने और नजर बनाए रखने के लिए चार वाहन मौके पर तैनात किए गए हैं।