यह सुन उन्हें भारी धक्का लगा है। पहले अस्पताल में भर्ती होने के कारण परिजनों ने उनसे यह बात छिपाई थी। अब तक सदमे में चल रहे परिवार को पैसों को लेकर न तो किसी का फोन आया और न ही उनसे कोई संपर्क हुआ है।
लिहाजा, अब परिजनों ने अपना सारा भरोसा भारत सरकार पर छोड़ दिया है। अपहृत अजय की बहन आशा ने कहा कि भारत सरकार इस मामले को देख रही है।
उन्होंने पूरा भरोसा भारत सरकार पर जताया है। उन्हें आशा है कि सरकार जल्द अजय और अन्य युवकों की रिहाई करवाएगी। कहा कि वह चाहते हैं कि सरकार इस मामले में कोई देरी न करे।