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हिमाचल: मूसलाधार बारिश से ब्लैकआउट, चलती गाड़ियों पर गिरी चट्टानें, तीन की मौत

Wed, 02 Aug 2017 01:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में पिछले 72 घंटों से जारी भारी बारिश में तीन लोगों की जान चली गई जबकि छह लोग घायल हो गए हैं। मंडी, कांगड़ा, शिमला और किन्नौर जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
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भूस्खलन और पेड़ गिरने से दर्जनों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कांगड़ा में स्कूल के दो कमरे गिर गए हैं। मंडी के तीन स्कूल और सतरेहड गांव भूस्खलन की जद्द में आ गया है। सूबे में नेशनल हाईवे समेत 200 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं।

भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। ब्यास किनारे न जाने का अलर्ट जारी किया गया है। नदी किनारे सेल्फी लेने और फोटोग्राफी पर पाबंदी लगा दी गई है। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में बरसात की छुट्टियों के बाद पहला दिन होने पर अधिकतर बच्चे बारिश के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाए।
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जिंदा दबे दो मजदूर, कई गांवों को खतरा

मंगलवार तड़के मंडी के लडभड़ोल में पहाड़ी से भूस्खलन होने से पंप हाउस मलबे में दब गया है। पंप हाउस सोए दो मजदूर मलबे में दब गए। एक ने जैसे-तैसे अपनी जान बचा ली, जबकि दूसरा मलबे में दफन हो गया।

धर्मपुर में आईपीएच का पानी टैंक ध्वस्त हो गया है। भूमि धंसने से सतरेहड़ गांव को खतरा पैदा हो गया है। उधर, कोटस्नोर और कोटी स्कूल भवन गिरने का खतरा बढ़ गया है।

रामपुर की देहरा खड्ड के पास मंगलवार सुबह चलती कार पर मलबा गिरने से एक युवक की मौत और तीन घायल हो गए। भावानगर के निगुलसरी में भी एक वाहन चट्टान की चपेट में आ गया। इसमें एक की मौत जबकि दो घायल हो गए हैं।

बाढ़ में फंसी बारात, ब्लैक आउट 

चंबा के भरमौर में शादी के बाद लौट रहे दूल्हा-दुल्हन और पूरी बारात गनेड़ नाले में बाढ़ आने से फंस गए। यहां बना पैदल पुल बह गया। लकड़ी के दो लट्ठे डालकर दूल्हा-दुल्हन और अन्य ने उफनता नाला पार किया। घंटों तक हर किसी की सांसें अटकी रहीं।

18 घंटों तक ब्लैक आउट 
हिमाचल में सोमवार रात से कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया हुआ है। उपमंडल रोहड़ू में पिछले 18 घंटों तक ब्लैक आउट छाया रहा। कांगड़ा के खैरा में 17 घंटों जबकि लंबागांव के सोलवनेहड़ और जगनी गांव में 16 घंटे बिजली गुल रही।

 

शहीद के घर को भी खतरा, सड़कें ठप

कांगड़ा में भारी बारिश से चढ़ियार में सरकारी स्कूल के दो कमरे और दोमंजिला मकान गिर गया। पालमपुर के चांदड़ में भूस्खलन से 3 घरों को खतरा हो गया है। परिवार नजदीकी स्कूल में शिफ्ट किए गए हैं।

कारगिल शहीद दिनेश राणा के घर को भी खतरा पैदा हो गया है। जयसिंहपुर के लंबागांव के पास कबीर मंदिर और साथ लगते घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, कुल्लू में आईपीएच विभाग की करीब 100 पेयजल व सिंचाई स्कीमें क्षतिग्रस्त हुई हैं। पठानकोट-मंडी, सुजानपुर-पालमपुर, एनएच-305 मार्ग घंटों बाधित रहे। 
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आज भी भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने बुधवार को भी प्रदेश भर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सात अगस्त तक सूबे में मूसलाधार बारिश जारी रहने के आसार हैं। मंगलवार को गग्गल में 181 मिलीमीटर, बैजनाथ में 176, पालमपुर में 116, जोगिंद्रनगर में 110, मशोबरा में 63, धर्मशाला में 54, शिमला में 28, रोहड़ू में 44 और जुब्बड़हट्टी में 33 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
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