सोलन जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी जैविक खाद तैयार करेंगे। इस खाद से स्कूल में लगी क्यारियों में फूल खिलेंगे। साथ ही स्कूल परिसर भी कचरा मुक्त होगा। वहीं बच्चों में स्वच्छता का महत्व और जैविक खाद के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी जैविक खाद तैयार करेंगे। इस खाद से स्कूल में लगी क्यारियों में फूल खिलेंगे। साथ ही स्कूल परिसर भी कचरा मुक्त होगा। वहीं बच्चों में स्वच्छता का महत्व और जैविक खाद के प्रति रुचि भी बढ़ेगी। यहां पर तैयार खाद से स्कूल में फूलों की क्यारियों के लिए जैविक खाद और पेंसिल से निकलने वाले अवशेषों से मशरूम खाद भी तैयार की जाएगी। जिसका प्रशिक्षण शिक्षा विभाग के साथ एक निजी संस्था भी देगी। जानकारी के अनुसार विद्यार्थियों को पर्यावरण से जोड़ने के लिए जिला शिक्षा विभाग की यह नई पहल है।
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स्कूल परिसर में बिखरे पेड़ पौधों के पत्ते, क्यारियों, पेंसिल के अवशेष से ढींगरी मशरूम की खाद और स्कूल रसोई से निकलने वाले गीले कचरे का उपयोग कर कंपोस्ट खाद तैयार की जाएगी। इसमें स्कूल में एक गड्ढे में सब्जियों के छिलके, बचा हुआ खाना सहित अन्य अपशिष्ट पदार्थों को डलवाकर जैविक खाद तैयार की जाएगी।तैयार खाद का उपयोग स्कूल में ही बनाए उद्यान के पौधों में डालने में किया जाएगा। इन दिनों इसकी जानकारी निजी संस्था अर्थजस्ट की ओर से विद्यार्थियों को दी जा रही है।
वहीं विद्यार्थियों को पर्यावरण और जंगलों में पाई जाने वाली मशरूम की भी जानकारी दी जा रही है। उधर, जिला विज्ञान समन्यवक अमरीश शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को पर्यावरण प्रेमी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं इसे अपने जीवन में डालने के लिए विद्यार्थियों स्कूल में इसके प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। जिसमें निजी संस्था के साथ मिलकर शिक्षा विभाग स्कूल स्तर पर ही सूखे और गीले कचरे के निपटारे की जानकारी दी जा रही है।