देश में जाति के आधार पर जनगणना नहीं होगी। जनगणना की अवधि को दस साल से कम नहीं किया जाएगा। यह बात दो दिवसीय सम्मेलन के लिए धर्मशाला आए राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष पीसी मोहनन ने कही। उन्होंने कहा कि जनगणना के अंतराल को कम करने की कोई योजना नहीं है।
एक दशक बाद ही जनगणना होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जातीय आधार पर जनगणना करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों में गुणवत्ता लाने के लिए विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने कई अहम सुझाव दिए हैं। उनपर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस नीति को 2021 की जनगणना से जोड़कर देखा जा रहा है।
धर्मशाला में हुए सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के केंद्रीय व राज्य सांख्यिकीय संगठनों ने राष्ट्रीय सांख्यिकी नीति के मसौदे पर चर्चा कर कई अहम सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि इन्हें लागू करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों के वार्षिक सर्वे में राज्य सहायता को लेकर भी खाका बनाया गया है। इसे देश के सभी राज्यों में लागू किया जाएगा।