हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन लोकायुक्त संशोधन विधेयक सदन में पारित करने का प्रस्ताव किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सदन में न होने पर यह प्रस्ताव उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रखा। इस संशोधन विधेयक में हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त अधिनियम की धारा सात में संशोधन किए जाने का प्रस्ताव किया गया। इस संशोधन विधेयक में यह व्यवस्था की गई है कि अब प्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश को भी लोकायुक्त नियुक्त किया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश या सुप्रीम कोर्ट केजज ही लोकायुक्त बन सकते थे। राज्य में लोकायुक्त का पद वर्ष 2022 से रिक्त चल रहा है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की ओर से सदन में इस विधेयक को पारित करने के प्रस्ताव से पहले राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि अगर कोई सदस्य इस पर बोलना चाहते हैं तो वे बोल सकते हैं और उप मुख्यमंत्री इसका उत्तर देंगे, मगर सदन में इस संशोधन विधेयक पर किसी भी सदस्य ने चर्चा में भाग नहीं लिया और उसके बाद सत्ता पक्ष की हां में हां मिलाने के साथ इस विधेयक को पारित कर दिया गया।