हिमाचल के सिरमौर जिले के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के टिंबी में बीते 12 फरवरी को आयोजित जनमंच कार्यक्रम में लोगों को परोसी गई धाम बासी नहीं थी। भले ही उस दिन लोग खाना छोड़कर चले गए थे लेकिन अब कंडाघाट लैब से आई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लैक्टिक एसिड की ज्यादा मात्रा की वजह से राजमाह की दाल से बदबू आ रही थी।
लैक्टिक एसिड दही में भी पाया जाता है। दाल ज्यादा देर तक भीगो दी गई थी जिससे यह स्थिति बनी। जांच रिपोर्ट आने के बाद उपायुक्त डॉ. आरके परूथी ने स्पष्ट किया कि जनमंच में बनाए खाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं थी। सात प्रकार के व्यंजन बनाए गए थे, ज्यादातर लोगों ने खाना खाया। जब खाना बासी होने की शिकायतें आईं तो तुरंत सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे।
लैब में हुई जांच में पाया गया है कि खाना किसी भी तरह से खराब नहीं था। सिर्फ दाल में लैक्टिक एसिड की मात्रा बढ़ने से बदबू आ रही थी। उन्होंने बताया कि जांच के उपरांत यह भी पाया गया कि उस दौरान शिलाई क्षेत्र के अस्पताल में डायरिया, आंत्रशोथ व फूड पाइजनिंग का कोई भी मामला सामने नहीं आया, जिससे यह साबित होता है कि खाना खाने योग्य था।
जनमंच में सभी शिकायतों की हुई सुनवाई
उपायुक्त ने जनमंच में शिकायतों को लेकर भी स्पष्ट किया है कि इस दौरान सभी शिकायतें सुनी गईं। 17 शिकायतें मिली थीं, जिनकी सुनवाई जनमंच में हुईं। मौके पर सात और शिकायतें दर्ज की थीं जिन पर भी चर्चा की गई। जनमंच के समापन के उपरांत 47 शिकायतें मिलीं जिन्हें ऑनलाइन दर्ज किया गया है।