सीरप में खोट की आशंका को देखते हुए जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल सरकार और केंद्र की टीमें जांच कर रही हैं। पूरे विवाद के बीच मंगलवार को पहली बार कंपनी प्रबंधन भी सामने आया है। कंपनी के संचालक पुरुषोतम गोयल ने बताया कि कोल्ड बेस्ट सीरप के बैच की 5,575 शीशियां उत्पादित की गई थीं, जो 10 राज्यों में सप्लाई की गई हैं।
सिर्फ जम्मू-कश्मीर से ही शिकायत आई है जबकि बाकी राज्यों से कोई शिकायत नहीं मिली। उन्होंने दावा किया है कि दवाई की जांच उधमपुर की सरकारी लैब में करवाई गई है, जिसमें दवा में कोई हानिकारक घटक होने की पुष्टि नहीं हुई है। पीजीआई में कब दवा की जांच हुई, इसकी सूचना तक उन्हें नहीं मिली।
कंपनी पर जो जांच बैठाई गई है, उसके लिए विभाग की जांच टीम को पूरा सहयोग किया जा रहा है। कुछ दस्तावेज पेश करने के लिए एक-दो दिन का समय मांगा गया है। दवा की गुणवत्ता पर उन्हें पूरा भरोसा है। फिलहाल उन्हें भी सैंपल जांच रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा है। गोयल के मुताबिक कंपनी 20 वर्षों से दवा निर्माण कर रही है। जिस दवाई की शिकायत हुई है, उसका उत्पादन 15 वर्षों से किया जा रहा है।