लाखों लोगों की आस्था के प्रतीक कुल्लू घाटी के अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ (त्रेता ठाकुर) की 354 वर्ष पुरानी अष्टधातु की बेशकीमती मूर्ति को चोर चुराकर ले गए।
मगर मां सीता की मूर्ति को नहीं चुरा पाए। मां सीता की मूर्ति मंदिर में श्यनकक्ष में पूरी तरह से सुरक्षित है। ऐसे में एक बार फिर कलयुगी चोरों की वजह से भगवान रघुनाथजी और मां सीता को अलग होना पड़ा है।
मां सीता की मूर्ति श्यनकक्ष में ही कपड़े से लपेटकर रखी थी। मगर इसे चोर हड़बड़ाट या जल्दबाजी में देख नहीं पाए।