स्मैक की ओवरडोज लेने के बाद एक युवक ने पत्नी और बच्चों को कमरे में बंद किया और खुद फंदे पर झूल गया। हालांकि युवक को रात को ही अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने केस दर्ज कर पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।पुलिस के अनुसार पांवटा के हीरपुर का धर्मपाल (32) नशे का आदी था, जिसके चलते वह ज्यादा कर्जदार हो चुका था।
परिजनों ने उसका नशा मुक्ति केंद्र उत्तराखंड में उपचार भी करवाया, लेकिन वहां से वापस आने पर युवक ने फिर नशा करना शुरू कर दिया। शुक्रवार रात स्मैक की ओवरडोज लेने के बाद उसने पत्नी और बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया और दूसरे कमरे में जाकर फंदा लगा लिया।
कमरे में बंद पत्नी ने अपने देवर और पड़ोसियों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने उसे रात को ही सिविल अस्पताल पांवटा पहुंचाया, जहां वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कमाल पाशा ने धर्मपाल को मृत घोषित कर दिया। एसएचओ पांवटा अशोक चौहान ने कहा कि धर्मपाल ने नशे की ओवरडोज लेकर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
सरकार का दावा है कि एक साल में 1233 एफआईआर एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की गईं। इस दौरान 433 किलो चरस, साढे़ 6 किलो अफीम, 21 किलो गांजा, सात किलो हेरोइन, 71 ग्राम कोकीन पकड़ी गई।
1589 लोग गिरफ्तार हुए। इनमें दस विदेशी भी शामिल हैं। सरकार तमाम प्रयासों के बाद भी हालात जस के तस है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर खुद कह चुके हैं कि हालात बिगड़ चुके हैं।
पंजाब की सख्ती का हिमाचल पर असर
जानकारों की मानें तो पंजाब में नई सरकार की नशे पर सख्ती का सीधा असर हिमाचल पर हुआ है। चूंकि पंजाब में खपत हो नहीं रही और हिमाचल में सख्ती नहीं है, ऐसे में नशे के सौदागरों ने हिमाचल पर फोकस कर दिया है।