डीसी के सामने दर्ज की गईं आपत्तियां
पार्षद सिमी नंदा, पूर्व पार्षद राजीव ने दर्ज करवाईं आपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए दो वार्डों के पुनर्सीमांकन पर एक हफ्ते के भीतर फैसला लिया जाएगा। जिला प्रशासन ने नाभा और फागली वार्ड के पुनर्सीमांकन को लेकर शुक्रवार को दोनों संबंधित पार्षदों की आपत्तियों को सुना। अब इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने शुक्रवार सुबह 11:00 बजे नाभा वार्ड की पार्षद सिमी नंदा को सुनवाई के लिए बुलाया था। उपायुक्त आदित्य नेगी की अध्यक्षता में जिला प्रशासन की टीम ने नाभा वार्ड के पुनर्सीमांकन को लेकर पार्षद की आपत्तियां सुनीं। पार्षद सिमी नंदा ने दोहराया कि उनके वार्ड का पुनर्सीमांकन सही नहीं हुआ है। कुछेक क्षेत्र काटे जाने से उनका वार्ड छोटा हो गया है। वहीं फागली और टुटीकंडी वार्ड पहले से बड़े वार्ड हैं, जिनमें नाभा से तोड़े गए इलाके शामिल किए हैं। दस मिनट तक पार्षद की आपत्तियों को सुना गया। प्रशासन ने उनकी आपत्तियां दर्ज की हैं।
समरहिल वार्ड के पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर की आपत्तियों को भी सुना। इन्होंने कहा कि बालूगंज बाजार एक ही वार्ड का हिस्सा होना चाहिए। अभी यह बालूगंज और समरहिल दो वार्डों में बंटा है। इसे बालूगंज वार्ड में शामिल किया जाए। जिला प्रशासन ने दोनों वार्डों की आपत्तियां सुनने के बाद फिलहाल फैसला नहीं सुनाया है। लेकिन चुनाव की तैयारियों को देखते हुए एक हफ्ते के भीतर ही फैसला सुनाने की तैयारी है।
अब फैसले पर टिकी नजरें
शहर में दो वार्डों के पुनर्सीमांकन के चलते नगर निगम चुनाव लटक गए हैं। वर्तमान नगर निगम का कार्यकाल 18 जून को पूरा हो रहा है। अब सबकी नजरें पुनर्सीमांकन के फैसले पर टिकी है। निगम के कई पार्षद और कई अन्य दावेदार चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। इनकी नजरें भी फैसले पर हैं। यदि पुनर्सीमांकन पर चल रहा विवाद खत्म होता है तो जुलाई में ही चुनाव होना तय है।
पुनर्सीमांकन न बदला तो
फिर कोर्ट जाएंगे : पार्षद
नाभा पार्षद सिमी नंदा ने कहा कि उन्होंने आपत्तियां दर्ज करवा दी हैं। उम्मीद है कि इस बार सही फैसला लिया जाएगा। कहा कि यदि पुनर्सीमांकन पर फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है तो उनके पास फिर कोर्ट जाने का विकल्प मौजूद है।