इसका कारण खेतों में गोबर न फेंकना और जहरीले कीटनाशक का छिड़काव करना है। इस वायरस से मिट्टी को बचाना है तो मिट्टी में गोमूत्र और गोबर का छिड़काव करना चाहिए। कृषि विभाग के मुताबिक यह वायरस एक खेत से दूसरे खेत तक हवा और पानी से फैैल रहा है।
यह वायरस आलू की फसल को भी अपनी चपेट में ले रहा है। निमोटोडस वायरस फैलने का सबसे बड़ा कारण विदेशी और जहरीले कीटनाशक हैं। किसान हर साल एक नया जहरीला कीटनाशक इस्तेमाल करते हैं। इस कारण यह वायरस तेजी से फैल रहा है।
ऐसे खत्म हो सकता है वायरस
किसानों को वायरस से छुटकारा पाने के लिए खेत की मिट्टी की जांच करवानी होगी। अगर मिट्टी में वायरस पाया गया तो उस खेत को करीब एक साल तक खाली छोड़ना पड़ेगा। खेतों में गोमूत्र और मल का छिड़काव करना होगा। इससे वायरस खत्म हो सकता है।