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Shimla News: ट्रायल फेल, स्टार्ट करते ही हांफे पंप पहुंचेगा राजधानी में सतलुज का पानी

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24 घंटे पानी देने के लिए बनाई सतलुज योजना के चार में से चल रहा एक पंप, दूसरा चलाते ही ठप हो रही है मशीनरी
क्रॉसर
पेयजल कंपनी का दावा, कम वोल्टेज से हुई दिक्कत
बिजली बोर्ड का दावा नहीं है लो वोल्टेज की समस्या
तीन महीने के ट्रायल के बाद दवाडा तक नहीं पहुंचा पानी
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी को 24 घंटे पानी देने के लिए तैयार की गई सतलुज पेयजल योजना की पंपिंग मशीनरी स्टार्ट करते ही हांफ गई है। हालत यह है कि योजना के पहले पंपिंग स्टेशन शकरोड़ी में चार में से सिर्फ एक ही पंप चल पा रहा है। दूसरा पंप चलाते ही मशीनरी ठप हो रही है। पहला ट्रायल फेल हो गया है।

बुधवार को भी ट्रायल के तौर पर जैसे ही दूसरा पंप शुरू किया गया तो अचानक पंप बंद हो गया। पिछले तीन दिन से यही सिलसिला जारी है। सुबह शाम तो दूर, दिन के समय भी कंपनी एकसाथ दो पंप नहीं चला पा रही है। मजबूरन अब एक पंप के सहारे मुख्य पेयजल लाइन को भरना और टेस्ट करना पड़ रहा है। इससे अभी तक स्टेशन से महज 153 मीटर लंबी पेयजल लाइन ही भर पाई है। कंपनी लो वोल्टेज की बात कह रही है। दूसरी ओर बिजली बोर्ड का दावा है कि कंपनी ने आज तक उन्हें इसकी शिकायत नहीं दी है। हकीकत यह है कि तीन महीने से चल रहे ट्रायल के बावजूद सतलुज का पानी शिमला पहुंचना तो दूर, दूसरे पंपिंग स्टेशन दवाडा तक भी नहीं पहुंच पाया है। महापौर जनवरी के अंत तक सतलुज नदी का पानी शिमला पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। मौके पर काम कर रहे कंपनी के कर्मचारी कह रहे हैं कि बिजली आपूर्ति नहीं बढ़ी तो शिमला के लिए पानी पहुंचना मुश्किल है।
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मार्च के अंत तक बढ़ेगा करंट

सतलुज पेयजल योजना में टैंकों और पाइपलाइन से लेकर पंपिंग स्टेशन के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। पेयजल कंपनी ने इस परियोजना को चलाने के लिए बिजली बोर्ड को 66 केवी का सब स्टेशन लगाने को कहा था। बाकायदा बोर्ड के कहने पर इसका पैसा भी जमा किया। लेकिन बोर्ड ने महज 22 केवी का सब स्टेशन शकरोड़ी में लगा दिया। अब लो वोल्टेज के चलते दो पंप भी एकसाथ नहीं चल पा रहे। बिजली बोर्ड का दावा है कि प्रगतिनगर में 66 केवी की नई लाइन बिछ रही है। 15 मार्च तक इससे आपूर्ति मिलने पर लो वोल्टेज का संकट खत्म हो जाएगा।


बैठक, दौरों से दिखा रहे सपने मौके पर बिजली भी नहीं पहुंची
महापौर, पार्षदों से लेकर पेयजल कंपनी के अधिकारी शहर की जनता को रोज 24 घंटे पानी मिलने के सपने दिखा रहे हैं। इसके नाम पर हर महीने बैठकें और दौरे कर जनता का पैसा उड़ाया जा रहा है लेकिन नतीजा जीरो है। नए साल की शुरुआत में महापौर सुरेंद्र चौहान ने 15 जनवरी तक सतलुज का पानी शिमला पहुंचने का दावा किया था लेकिन अब इसकी भी पोल खुल गई। दूसरी ओर दवाडा और डूम्मी पंपिंग स्टेशन पर बिजली तो पहुंच चुकी है लेकिन कंपनी ने इसके कनेक्शन नहीं लिए हैं। दोनों स्टेशनों पर टैंकों, पंपिंग स्टेशनों और पाइपलाइनों की भी टेस्टिंग होनी है। इसमें कई दिन लग जाएंगे।


लो वोल्टेज की शिकायत नहीं
लो वोल्टेज की एक भी शिकायत कंपनी ने हमें नहीं दी है। यदि किसी दिन ऐसी कोई दिक्कत आई है तो हमें बताना चाहिए। सिर्फ पीक आवर्स में वोल्टेज की दिक्कत रहती है। बाकी पूरा दिन पर्याप्त बिजली आपूर्ति दी जा रही है।
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-पुनीत सोंधी, अधीक्षण अभियंता बिजली बोर्ड



वोल्टेज समस्या, चल रही टेस्टिंग : एमडी
शकरोड़ी में टैंकों की टेस्टिंग पूरी हो गई है। अब मुख्य पाइप लाइन को भरा जा रहा है। दोनों पंप चलाने का भी प्रयास किया जा रहा है। वोल्टेज की समस्या है पर हमारी टेस्टिंग जारी है। जल्द ही दवाडा तक पानी पहुंचाने का प्रयास है।
-वीरेंद्र सिंह ठाकुर, प्रबंध निदेशक पेयजल कंपनी



आंकड़ों में समझें पूरी परियोजना
सतलुज से शिमला को मिलना है 66 एमएलडी पानी, 24 घंटे होगी सप्लाई
कुल 22.3 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन से शिमला पहुंचेगा पानी
पहले चरण में 15 एमएलडी पानी की होगी आपूर्ति
370 करोड़ से तैयार की गई है यह परियोजना
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