सूखे से टुटू, मशोबरा, बसंतपुर और रामपुर विकास खंड सबसे अधिक प्रभावित, लाखों रुपये के नुकसान की आशंका
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278.50 हेक्टेयर क्षेत्र में लगीं सब्जियां भी खराब संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। ढाई माह से बारिश न होने से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जिले के 715 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इसमें सबसे अधिक प्रभवित टुटू-मशोबरा, बसंतपुर और रामपुर विकास खंड में हुआ है।
रबी सीजन में बर्बाद हुई फसल ने किसानों को संकट में डाल दिया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 1019.33 हेक्टेयर भूमि पर अनाज और 278.50 हेक्टेयर में सब्जियां खराब हो गई हैं, इसका मूल्य 83.50 लाख रुपये है। इसमें सबसे अधिक गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। जिले के 6452 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल की बिजाई हुई थी लेकिन बारिश न होने से 36.54 लाख रुपये की फसल प्रभावित हो गई है। इसके अलावा जौ की 256 हेक्टेयर और दालों की 42.10 हेक्टेयर भूमि में लगी फसल बर्बाद हो गई है। सूखे के कारण 278.50 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी 32.63 लाख रुपये की सब्जियां भी खराब हो गई हैं। गौरतलब है कि जिले में हजारों परिवार कृषि पर निर्भर है। इस साल सब्जियों की फसल प्रभावित होने से किसानों को अपनी आजीविका की चिंता सताने लगी है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. अजब कुमार नेगी ने बताया कि बारिश की कमी और मिट्टी में नमी के अभाव के कारण फसल की वृद्धि प्रभावित हुई है। लंबे समय तक वर्षा न होने से मिट्टी में जरूरी नमी नहीं है जिससे अंकुरण और गेहूं की शुरुआती अवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा है। कई इलाकों में सिंचाई के सीमित साधनों के कारण किसान फसल को बचाने में असमर्थ रहे हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में पौधों की वृद्धि रुक गई हैं या बालियां ठीक से विकसित नहीं हो पाई।