जुन्गा (शिमला)। जुन्गा के जंगलों में गुच्छी उगना शुरू हो गई है। घर का सारा कार्य छोड़ लोग इन दिनों जंगलों में गुच्छी की तलाश कर रहे हैं। गुच्छी सबसे महंगी सब्जी है और प्रकृति की एक अनुपम देन है जोकि प्रकृति के स्पर्श से उगती है। इसका वैज्ञानिक नाम मार्किला एस्क्यूपलैंटा है।
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शिमला, चंबा और मनाली के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गुच्छी अधिक मात्रा में पाई जाती है। इसे स्थानीय भाषा में चेंऊ, रोंटू, छतरी, चटमोर और डूंगरू के नाम से पुकारा जाता है। गुच्छी और मशरूम के उगने का उचित समय मार्च से मई तक माना जाता है। सबसे अहम बात यह है कि गुच्छी के बिना खाद और बीज के उगती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार समुद्रतल से 1500 से 3500 मीटर की ऊंचाई तक गुच्छी पाई जाती है। इसके लिए 14 से 17 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता रहती है। गुच्छी की कीमत 30 से 35 हजार रुपये प्रतिकिलोग्राम है। जुन्गा के दुर्गा सिंह ठाकुर ने बताया कि गुच्छी के उगने का उचित समय बैशाख माह माना जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. विश्वबंधु जोशी ने बताया गुच्छी चमत्कारी और औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसमें आयरन, विटामिन बी और सी के अतिरिक्त अमीनो एसिड तथा खनिज तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें लो फैट और हाई एंटी आक्सीडेंट फाइबर होते हैं। संवाद