कांगड़ा संसदीय क्षेत्र
वर्तमान सांसद शांता कुमार ने चुनाव न लड़ने की इच्छा जताई थी। लेकिन कुछ समय पहले पार्टी नेतृत्व पर निर्णय छोड़ने की बात कह सियासी माहौल गर्म कर दिया है। वहीं, शांता के अलावा प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार का नाम भी जोरों पर है। इसके अलावा केसीसी बैंक के चेयरमैन राजीव भारद्वाज, फतेहपुर से विधायक का चुनाव लड़ चुके कृपाल परमार, वुल फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष त्रिलोक कपूर, पूर्व विधायक दूलो राम के नाम भी चर्चा में हैं।
शिमला संसदीय क्षेत्र
वर्तमान सांसद वीरेंद्र कश्यप टिकट को लेकर केंद्रीय नेतृत्व में पैठ के बल पर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। हालांकि इस बीच कई नए चेहरों के नाम मैदान में आ गए हैं। इनमें जयराम सरकार के सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल के अलावा पच्छाद से विधायक सुरेश कश्यप के अलावा रोहडू से विधानसभा का चुनाव लड़ चुकीं शशि बाला, शिमला मेयर कुसुम सदरेट और एचएन कश्यप का नाम भी उनके समर्थक उछाल रहे हैं।
मंडी संसदीय क्षेत्र
यहां से मौजूदा सांसद रामस्वरूप शर्मा टिकट के दावेदारों में शामिल हैं। रामस्वरूप का नाम मंडी सम्मेलन के दौरान खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ले चुके हैं। लेकिन मुख्यमंत्री जयराम के गृह संसदीय क्षेत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर नेता पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा के ताल ठोकने के बाद सियासी माहौल बदल गया है। वहीं, कुल्लू से विधानसभा चुनाव हार चुके महेश्वर सिंह और अजय राणा के नाम भी संभावित प्रत्याशी के तौर पर लोगों की जुबान पर है।
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र
वर्तमान सांसद अनुराग ठाकुर ने अगले चुनाव को लेकर एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है। लेकिन पिता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की हार के बाद से कुछ नए नामों की चर्चा है। इनमें सबसे बड़ा नाम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती का है। सत्ती ने तो दावा नहीं किया है लेकिन समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर चर्चा छेड़ रखी है। पूर्व सांसद सुरेश चंदेल का नाम अभी भी टिकट के दावेदारों में चल रहा है।