बैठक में न तो महापौर पहुंचे महापौर पहुंच न ही उपमहापौर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सैहब सोसायटी कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। शहरवासियों को वीरवार को भी खुद घरों से कूड़ा उठाकर कलेक्शन सेंटरों तक पहुंचाना होगा। कर्मचारियों ने निगम से लिखित समझौता मिलने के बाद बुधवार से काम पर लौटने का फैसला लिया था।
इसके लिए सभी कर्मचारी सुबह 10:00 बजे ही सीटीओ चौक पहुंच गए और नगर निगम से समझौते का इंतजार करने लगे लेकिन निगम की ओर से कर्मचारियों को ऐसा कोई लिखित आश्वासन वेतन बढ़ोतरी का नहीं मिला। 11:30 बजे तक कर्मचारियों ने फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया। दोपहर 3:00 बजे मेयर ने कर्मचारियों को बैठक के लिए बुलाया। कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह के साथ अन्य कर्मचारी 3:15 बजे टाउनहॉल पहुंचे लेकिन मेयर नहीं मिले। शाम 5:00 बजे तक कर्मचारी इंतजार करते रहे लेकिन मेयर-डिप्टी मेयर नहीं पहुंचे। इस दौरान महापौर और उपमहापौर और कई पार्षद भराड़ी में चल रही क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में मौजूद रहे। कर्मचारियों ने फोन पर बात की। मेयर ने कहा कि कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण वह बैठक में नहीं पहुंच पाएंगे। यह बैठक दोबारा वीरवार सुबह बुलाई है। कर्मचारियों ने कहा कि अभी हड़ताल जारी रहेगी। गदर फ्रंट नेता रवि कुमार ने कहा कि महापौर कर्मचारियों की मांगों पर गंभीर नहीं है। शहर की जनता परेशान है। सफाई व्यवस्था चौपट हो चुकी है लेकिन मेयर को कर्मचारियों की बात सुनने से ज्यादा कार्यक्रमों की चिंता है। कर्मचारियों से बैठकर इस मुद्दे को हल किया जा सकता है लेकिन इसके लिए मेयर-डिप्टी मेयर के पास समय नहीं है।
कर्मचारी बोले, हमारे साथ हुआ धोखा
इससे पहले सीटीओ चौक पर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि उनके साथ धोखा हुआ है। महापौर ने मंगलवार को बैठक कर लिखित समझौता करने की बात कही थी। इसमें सालाना दस फीसदी वेतन वृद्धि पर सहमति बनी थी लेकिन अब निगम की ओर से ऐसा कोई लिखित भरोसा नहीं मिला है। मेयर समझौता पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे। सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि जब तक लिखित भरोसा नहीं मिलेगा, प्रदर्शन जारी रहेगा। वार्डाें में हड़ताल खत्म होने की घोषणा का इंतजार कर रहे बाकी कर्मचारी भी सीटीओ चौक पहुंचे गए और सीटू के साथ मिलकर प्रदर्शन जारी रखा। सैहब कर्मचारियों की हड़ताल में एसएफआई, एसपीटी वर्कर्स, जनवादी महिला समिति, हिमाचल किसान सभा, पेंशनर दलित शोषण मुक्ति मंच, गदर फ्रंट समेत कई संगठन समर्थन में उतर आए हैं।
पूरी होगी कर्मचारियों की मांग : मेयर
मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि कर्मचारियों की मांग पूरी होगी। एजीएम में दस फीसदी सालाना वेतन बढ़ोतरी की मांग पूरी करने का मामला उठाया जाएगा। वह खुद इसे उठाएंगे। कार्यक्रम की व्यस्तता के चलते बुधवार शाम कर्मचारियों से बैठक नहीं हो पाई। इन्हें वीरवार सुबह बैठक के लिए बुलाया है।