शहर के बाजारों, बस अड्डों और चौक चौराहों पर लगे हैं कचरे के ढेर, कई वार्डाें में नहीं पहुंच पा रहीं गाड़ियां
विज्ञापन
निगम ने शहर को चार कलस्टर में बांटकर नए सिरे से किया टेंडर अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में लगातार छठे दिन बुधवार को भी घरों से कूड़ा नहीं उठा। शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नगर निगम की गाड़ियां कलेक्शन सेंटरों से तो कचरा उठा रही हैं लेकिन कई वार्ड ऐसे हैं जहां निगम की गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं।
संपर्क सड़कें न होने के कारण वार्ड के भीतर तक गाड़ियां नहीं पहुंच रहीं। इसके चलते नालों, जंगलों में ही कचरा फेंक रहे हैं। पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि उनके वार्ड में ईदगाह समेत कई इलाकों में गाड़ी नहीं जाती। यहां कचरे के ढेर लग गए हैं। शहर के रिज और मालरोड पर तो सफाई व्यवस्था दुरुस्त है लेकिन बाजारों, चौक चौराहों, उपनगरों में कचरे के ढेर लग गए हैं। कई सड़कों पर बिखरा कचरा जिससे पैदल आवाजाही में परेशानी हो रही है। नगर निगम ने सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने के लिए जो टेंडर किया था, उसे रद्द कर दिया है। अब नई शर्ताें के साथ दोबारा टेंडर किया है। इसमें शहर को चार कलक्टर में बांटा है। ठेकेदार इनके लिए आवेदन कर सकते हैं। नगर निगम एक साल के लिए सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने जा रहा है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि नया टेंडर वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।
मेयर टूर्नामेंट में व्यस्त, जनता की चिंता नहीं कर्मचारियों के साथ मंगलवार को हुई मेयर की बैठक से बाहर निकाले जाने पर भाजपा पार्षद बिट्टू पाना ने आपत्ति जताई। वह अपने कर्मचारियों की मांग रखने बैठक में गए थे लेकिन मेयर ने उनके साथ अच्छा रवैया नहीं अपनाया। बैठक से बाहर भेज दिया। आरोप लगाया कि कृष्णानगर का होने के कारण सदन में भी उनसे सही व्यवहार नहीं करते। कहा कि मेयर टूर्नामेंट में व्यस्त है। बुधवार शाम बैठक बुलाकर खुद टूर्नामेंट खेलने चले गए। यह गलत है। यदि जनता की चिंता होती तो कर्मचारियों से बात करते और हड़ताल खत्म करवाते। बोले कि एक ओर मेयर मांग पूरी करने का दावा करते हैं तो फिर एजीएम का इंतजार क्यों किया जा रहा है।