शिमला। राजधानी में नाभा और समरहिल वार्ड के पुनर्सीमांकन का मामला लटक गया है। अब इस मामले पर सोमवार शाम चार बजे सुनवाई होगी। मामले पर शुक्रवार को भी मंडलीय आयुक्त के पास सुनवाई होनी थी। पुनर्सीमांकन पर आपत्तियां जताने दोनों वार्ड के पूर्व पार्षदों को तय समय पर दफ्तर भी बुलाया गया था। लेकिन दफ्तर पहुंचने पर बताया गया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिये सुनवाई होनी है। वीसी से सुनवाई करने से दोनों पूर्व पार्षदों ने इंकार कर दिया।
इनका तर्क था कि वह अपने साथ दस्तावेज भी लाए हैं, जिसे सुनवाई में दिखाया जाना है। ऐसे में सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी गई। उधर, सुनवाई न होने पर पूर्व पार्षदों ने सरकार की मंशा पर ही सवाल उठा दिए। समरहिल वार्ड के पुनर्सीमांकन पर आपत्ति दर्ज करवाने वाले पूर्व पार्षद राजीव ठाकुर ने कहा कि मंडलीय आयुक्त पहले दफ्तर बुलाते हैं और फिर वीसी से सुनवाई के लिए कहते हैं, इससे साफ है कि वह सुनवाई टालना चाह रहे हैं। कहा कि यदि वीसी से ही सुनवाई करनी थी तो पहले बता देते, दफ्तर बुलाने की क्या जरूरत थी। इतने अहम मुद्दे पर ऐसा रवैया निराशाजनक है। पार्षद सिमी नंदा ने कहा कि उन्हें दफ्तर के कर्मचारियों ने बताया कि आयुक्त मौजूद नहीं हैं। वीसी से सुनवाई करनी है तो संपर्क करवा देते हैं। कहा कि अब सोमवार को बुलाया गया है। गौरतलब है कि पिछली बार भी मंडलीय आयुक्त कार्यालय में वीसी से ही सुनवाई हुई थी। तब दोनों पार्षद इसमें शामिल हुए थे। हालांकि, इस बार पार्षदों का कहना है कि उन्हें सुनवाई के लिए दफ्तर बुलाया गया था।
पार्षदों ने सुनवाई से किया इंकार : मंडलीय आयुक्त
मंडलीय आयुक्त प्रियतु मंडल ने कहा कि वार्ड पुनर्सीमांकन पर शुक्रवार को सुनवाई रखी थी, लेकिन दोनों पार्षदों ने वीसी से सुनवाई करने से इंकार कर दिया। ऐसे में अब सोमवार को शाम चार बजे सुनवाई रखी गई है।