मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और हिमाचल सरकार ने किसी को भी गाड़ियों में रेड फ्लैशर लाइट लगाने की मंजूरी नहीं दी है। यह मामला ध्यान में नहीं है। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। लाइट लगाने की किसी को इजाजत नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में अफसरों की ओर से गाड़ियों में लगाई जा रही रेड फ्लैशर लाइट मामले की जांच होगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की ओर से प्वाइंट ऑफ ऑर्डर में उठाए गए प्रश्न के उत्तर में दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और हिमाचल सरकार ने किसी को भी गाड़ियों में रेड फ्लैशर लाइट लगाने की मंजूरी नहीं दी है। यह मामला ध्यान में नहीं है। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। लाइट लगाने की किसी को इजाजत नहीं है।
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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और एमडीएम को प्रदेश सरकार की ओर से गाड़ी मुहैया कराई गई है। कई अफसरों ने इन गाड़ियों में फ्लैशर लाइट लगवाई है। यह अफसर जब भी निरीक्षण करने फील्ड में जाते हैं, गाड़ियों में रेड फ्लैशर लाइट जलाई जाती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में रेड लाइट कल्चर खत्म हो गया है। अफसर और जजों ने गाड़ियों से बत्ती उतार दी है। बावजूद इसके कई अफसरों का बत्तियों का शौक खत्म नहीं हो रहा है।