वीरभद्र सरकार के समय में पहली अप्रैल, 2017 के बाद करीब 127 स्कूल अपग्रेड हुए और 16 नए डिग्री कॉलेज खुले। तीन निजी कॉलेजों का अधिग्रहण किया गया। कई नए आईटीआई भी खोलने का एलान किया गया।
सरकार के शिक्षा मंत्री ही कह चुके हैं कि कई संस्थान तो बिना बजट प्रावधान के ही खोल दिए गए हैं। शनिवार की कैबिनेट बैठक में शिक्षा महकमा की ओर से प्रस्तावों की समीक्षा पेश की गई। बैठक में इन पर चर्चा हुई, लेकिन आधी अधूरी जानकारी के चलते महकमे के प्रस्ताव लौटा दिए।
कैबिनेट इन संस्थानों को बंद करने को लेकर दुविधा में आ गई है। यही कारण है कि अब सरकार ने संस्थानों से संबंधित कोई भी निर्णय लेने के लिए बीच का रास्ता निकाला है। सरकार अपनी पार्टी के विधायकों से राय लेने के बाद ही अंतिम फैसला लेगी।