बोले, दो अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर हैं मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल से गायनी ओपीडी को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने के बाद अव्यवस्थाएं बढ़ गईं हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ओपीडी और वार्ड चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। डॉक्टरों और कर्मचारियों ने सरकार से इस फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है।
डॉक्टर और कर्मचारी गायनी ओपीडी शिफ्ट करने के मामले में प्रिंसिपल डॉ. सीता ठाकुर से मिले। इस दौरान चिकित्सकों और कर्मचारियों को हो रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी। केएनएच कर्मचारी संघ और सेमडीकोट (डॉक्टरों की एसोसिएशन) ने मामले को फिर से मुख्यमंत्री से पास उठाने को कहा। वहीं दोनों संघों ने निर्णय लिया कि आगामी दिनों में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलकर इस मुद्दे पर बात की जाएगी। सदस्यों ने संयुक्त रूप से बताया कि गायनी ओपीडी और वार्ड शिफ्ट होने के बाद मरीजों को काफी दिक्कतें आ रही हैं। स्टाफ के लिए भी कोई सही व्यवस्था तक अस्पताल में नहीं है। चेंजिंग रूम तक अस्पताल में अभी तक नहीं बनाया गया है। इससे स्टाफ भी काफी परेशान हो गया है। व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और फैसले को एक बाद दोबारा देखने का आग्रह किया।
केएनएच कर्मचारी संघ के प्रधान मनोज शर्मा ने बताया कि जब से ओपीडी और वार्ड शिफ्ट हुआ है तब से असमंजस का माहौल बन गया है। मरीज केएनएच और आईजीएमसी के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अब ओपीडी भी कम होना शुरू हो गई है। मरीज आईजीएमसी और केएनएच आने की बजाय अब चंडीगढ़ तथा निजी अस्पतालों का रुख करने लगे हैं। इस बारे मुख्यमंत्री को भी बताया जा चुका है। बदलाव से मरीजों को फायदा नहीं हो रहा है तो फिर से एक बार फैसले पर पुन: विचार करना चाहिए।